तोड़ मरोड़कर पेश किया वीडियो
डॉ. अरिन्जय जैन का कहना है कि यह वीडियो 28 अप्रैल का है। मॉकड्रिल का मतलब मरीजों में ऑक्सीजन की खपत जांचना था। ऑक्सीजन बंद नहीं की गई। 22 मरीजों की मौत नहीं हुई है। वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
चार मौतें हुईं, अन्य की कराएंगे जांच
26 व 27 अप्रैल को ऑक्सीजन की थोड़ी सी कमी हुई थी। जिसे हमने 48 घंटे में सामान्य कर लिया था। पारस अस्पताल में 26 अप्रैल को कोरोना के चार मरीजों की मौतें हुई हैं। कोई भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। वहां आईसीयू में अन्य मरीज भी भर्ती थे। 22 मौतों की बात सत्य नहीं है, लेकिन इसकी न्यायिक जांच कराई जाएगी। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी, आगरा
स्टाफ ने लीक किया वीडियो
वीडियो में डॉ. अरिन्जय जैन अस्पताल के आईसीयू स्टाफ के साथ 26 अप्रैल का किस्सा बयान कर रहे हैं। उन्होंने वीडियो की पुष्टि करते हुए कहा मैं अपने स्टाफ के साथ बात कर रहा था। किसी तीमारदार या स्टाफ ने चुपके से वीडियो बना लिया। ये वीडियो 28 अप्रैल का है। उन्होंने कहा कि हो सकता है स्टाफ में किसी ने वीडियो लीक किया हो।
बातचीत के मुख्य अंश...
वीडियो एक....
डॉ. अरिन्जय जैन: मेरे पास ट्रेडर का फोन आया। संभवी वाले का... कहां हो बॉस आप कहां हो.. मैने कहा-राउंड ले रहा हूं। उसने कहा-राउंड लेते रहना, हम मिलने आ रहे हैं। मैंने पूछा क्या हो गया। वह बोले-अरे नहीं, बॉस कत्ल की रात है। मुझे लगा कोई कांड हो गया ऑक्सीजन का। 12 बजे वह आया। उसने कह दिया सर सुबह तक का माल है। मोदी नगर ड्राई हो गया। गाजियाबाद ड्राई हो गया। दिल्ली से गाड़ी आ नहीं रही। माल नहीं आ पाएगा। मैंने कहा-कैसी बात करते हो ऑक्सीजन नहीं मिलेगी क्या, उसने कहा-कहां से मिलेगी। डीएम साहब ऑक्सीजन नहीं देंगे, कहां से देंगे। हम तो उसकी (ट्रेडर) बात को हल्के में ले रहे थे। आधा घंटा तो स्वीकार करने में लगा कि ऐसी घटना भी हो सकती है आगरा में कल। मरीज भर्ती थे 96... मेरे पास 12 घंटे का समय था।
वीडियो दो..
डॉ. अरिन्जय जैन : मेरे पास 12 घंटे का समय था, या ये सब मर जाएंगे या इन्हें रेफर कर दो। दिमाग बिल्कुल खत्म, कोई रास्ता दिखा ही नहीं। एक घंटे तक वार्डों में फोन किया कि कैसे बचें ये मरीज। रात एक बजे एक पत्र लिखा तीमारदारों के लिए आवश्यक सूचना। कि आगरा में पावर सप्लाई ऑक्सीजन की खत्म हो गई है। मरीजों के तीमारदार कहीं से इंतजाम कर लें। सुबह 10 बजे तक समय है। पत्र दिया नरेंद्र, गौरव चौहान को, लालजीत को। कहा कि सभी मरीजों को पढ़ा के आओ। नोटिस चस्पा करते तो वायरल हो जाता। ढाई बजे रात में हड़कंप। अस्पताल के बाहर तीमारदार इकठ्ठा हो गए।
दूसरा शख्स: जीवन ज्योति में तो खूब मारपीट हुई।
डॉ. अरिन्जय जैन : अरे नहीं मेरे यहां कोई घटना नहीं हुई है। मैं रिसेप्शन पर आया। सभी लोग लॉबी में खड़े थे। लोगों को समझाया तो लोग बोले कि हम जिएं या मरें कहां जाएंगे। सभी ने जाने से इनकार कर दिया।