मैनपुरी। भोगांव विधानसभा क्षेत्र से लगातार सरकार के दो कार्यकाल में विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान मिला। इसे भोगांव विधानसभा का सौभाग्य कहें तो गलत नहीं होगा, लेकिन पराग डेयरी के लिए ये दुर्भाग्य ही है कि किसी ने भी इसके संचालन के लिए कोशिश नहीं की।
पराग डेयरी का प्लांट भोगांव विधानसभा क्षेत्र के गांव छाछा में स्थित है। इस विधानसभा क्षेत्र पर लंबे समय तक पहले सपा का वर्चस्व कायम रहा तो वहीं अब विधायक की कुर्सी भाजपा के खाते में चली गई है। दोनों ही सरकार में विधानसभा को सम्मान मिला। सपा सरकार में विधायक आलोक शाक्य राज्य मंत्री थे।
वहीं वर्तमान में भाजपा विधायक रामनरेश अग्निहोत्री कैबिनेट मंत्री है। ऐसे में लोगों को उम्मीद होना लाजिमी है कि उनके द्वारा डेयरी के लिए कुछ किया जाएगा, लेकिन किसी ने भी डेयरी का संचालन दोबारा शुरू कराने के लिए पहल नहीं की। इसी का नतीजा है कि बीते 12 सालों से ये डेयरी बंद पड़ी हुई है। पशुपालकों को कैबिनेट मंत्री से उम्मीद है कि वे डेयरी के संचालन के लिए पहल करें।
इसलिए बंद हो गया था डेयरी प्लांट
वर्ष 2008 में अचानक पराग डेयरी से जुड़े किसानों का भुगतान रोक दिया गया। भुगतान रुका तो किसानों ने दूध देना भी बंद कर दिया। बकाया अधिक हुआ तो दिन ब दिन दूध कम होता चला गया। पराग डेयरी के अधिकारी ऊपर से भुगतान न होने की बात कहते रहे। बाद में डेयरी घाटे में होने की बात कहकर डेयरी का संचालन बंद कर दिया गया। वहीं कर्मचारियों का भी स्थानांतरण हो गया।
अपने कार्यकाल में डेयरी का शुरू कराने का प्रयास किया गया था। इस मामले को विधानसभा में भी उठाया गया था। वर्तमान सरकार को चाहिए कि वह प्लांट को शुरू करे।
आलोक शाक्य, पूर्व मंत्री।
एक जनप्रतिनिधि होने के नाते डेयरी को चालू कराने का प्रयास करूंगा। अफसरों से जल्द ही वार्ता की जाएगी कि आखिर समस्या क्या है।
रामनरेश अग्निहोत्री, आबकारी मंत्री।