कासगंज के सोरों में बनी सेठ पन्नालाल धर्मशाला का द्वार।
- फोटो : KASGANJ
तीर्थनगरी की सेठ पन्नालाल धर्मशाला जीर्णशीर्ण हो चली है। बाशिंदों ने इसके जीर्णोद्धार की मांग जिलाधिकारी से की है। धर्मशाला के ट्रस्ट के जिलाधिकारी अध्यक्ष व सचिव उपजिलाधिकारी होते हैं।
समाजसेवी रामेश्वर दयाल महेरे का कहना कि लगभग 100 वर्ष पूर्व सेठ पन्नालाल द्वारा इस धर्मशाला का निर्माण कराया गया था। धर्मशाला के कमरे, स्नानघर, शौचालय भी जीर्णशीर्ण होने लगे हैं। धर्मशाला का आधा हिस्सा अभी भी अधबना व कच्चा है। फर्श व प्लास्टर भी नहीं है। बिजली का कनेक्शन भी धर्मशाला में नहीं है।
जिससे यहां ठहरने वाले श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती है। सन 1998 में एटा के जिलाधिकारी जीवेष नंदन के निर्देश पर धर्मशाला का जीर्णोद्धार कार्य हुआ था। तब से आज तक किसी जिलाधिकारी ने इसकी सुध नहीं ली। इस वजह से धर्मशाला जीर्णशीर्ण स्थिति में पहुंच गई है। तीर्थनगरी के बाशिंदे हेमंत पंडित, अभय स्थापक, राजू तिवारी, संजीव त्रिवेदी आदि ने धर्मशाला के जीर्णोद्धार की मांग की है, जिससे श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सके।