प्रशासन ने पंचशील खुला आश्रम और उसकी दो अन्य संस्थाओं को बुधवार को सील कर दिया है। आश्रम में रही बालिकाओं और वृद्धाओं को फिलहाल सिकंदरा स्थित राम लाल वृद्धाश्रम में भेज दिया गया है। आश्रम खाली कराने के दौरान महिलाएं और बालिकाएं रोती हुईं बाहर आ रही थीं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे। सभी का यही कहना था कि कहीं भेज दो, बस इस नरक से निकाल लो। यहां की शिक्षिका ने बस यही बोली कि शायद अब इन बच्चियों की जिंदगी बच जाए। शिक्षिका को भी पिछले कई महीनों से पैसे नहीं मिले थे।
बता दें कि लड़कियों के यौन उत्पीड़न की शिकायत जांच में सही पाए जाने के बाद पंचशील खुला आश्रय, स्वाधार महिला आश्रय गृह, वृद्धा आश्रम लोहागढ़ की मान्यता रद कर दी गई थी। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान ने बताया कि आश्रम में 55 वृद्धाएं, बालिकाएं और मंदबुद्धि बच्चे रह रहे थे। आश्रम को बुधवार को सील कर दिया गया है। इनके लिए उचित ठिकाना रामलाल वृद्धाश्रम ही था। बुधवार दोपहर को सभी को शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मथुरा के वात्सल्य ग्राम में पढ़ाने के लिए बालिकाओं की सूची तैयार की जा रही है। वहां हास्टल में रहकर कर पढ़ने की सुविधा मिलेगी। अन्य बालिकाओं को घर पहुंचाने के लिए उनके घरवालों की तलाश की जा रही है। जिनके घर परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं उन्हें कानपुर, मेरठ के खुला आश्रय स्थलों में भेजा जाएगा। अभियोजन अधिकारी की राय के बाद आश्रम के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई होगी।