फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लहराए पंचशील के झंडे, गूंजे बुद्ध के संदेश

Thu, 19 Mar 2015 02:07 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
जिस रामलीला मैदान पर भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर ने 18 मार्च 1956 को सभा की और जिस बुद्ध विहार की में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की, 60 साल बाद बुधवार को ठीक वैसा ही कार्यक्रम का री-प्ले हुआ। तब डा. अंबेडकर की ओजस्वी वाणी और उनका आह्वान था, अब दुनिया भर से आए भिक्षुसंघ का संदेश और आह्वान। उसी बुद्ध विहार और रामलीला मैदान पर पंचशील के झंडे लहराए और बुद्ध के संदेश गूंजे।
विज्ञापन

बुद्ध विहार प्रबंध समिति ने चक्की पाट बुद्ध विहार पर धम्म संकल्प समारोह आयोजित किया। रामलीला मैदान में सुबह बुद्ध उपासकों ने बैंड-बाजों के साथ धम्म संकल्प यात्रा निकाली। जो अंबेडकर पार्क, चक्कीपाट, छीपीटोला रोड, औलिया रोड, चीलगढ़ होती हुई पूर्वोदय बुद्ध विहार पहुंची। यहां बौद्ध भिक्षुओं का भोजन दान और संघ दान कार्यक्रम हुआ। सिद्धार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। धम्म देशना में थाईलैंड से आए भदंत छलांग महाथेरा ने कहा कि डा. अंबेडकर ने जो कारवां आगे बढ़ाया है, उसे दुनिया भर तक फैलाएं। हिंसा से जूझ रही दुनिया को बुद्ध के संदेश ही सही रास्ता दिखा सकते हैं।
अखिल भारतीय भिक्खु महासंघ अध्यक्ष भदंत आनंद महाथेरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बौद्ध देशों की यात्राएं कर रहे हैं, लेकिन बोधगया के महा विहार का प्रबंधन बौद्धों को सौंपने नहीं दिया गया। म्यांमार से आए डा. एस नंदा ने कहा कि पूर्वोदय बुद्ध विहार तीर्थ स्थान की तरह है। भदंत प्रज्ञाशील महाथेरा ने कहा कि सरकार अरबों डालर की सहायता भगवान बुद्ध के तीर्थस्थलों और गुफाओं के विकास में कर रही है, लेकिन भारतीय बौद्धों का उपहास करती है।
विज्ञापन

धम्म संकल्प समारोह की अध्यक्षता भंते ज्ञानरत्न ने की, संचालन करतार सिंह भारतीय ने किया। धर्मेंद्र सोनी, धर्म प्रकाश भारतीय, अजयशील गौतम, बच्चू सिंह, रामकिशन, बीएल चंद्रा, डीसी सोनी, पूरन सिंह, होतम चंद्र मणिक, डा. नरायन सिंह आदि मौजूद रहे।

इनसेट
‘बाबा साहब का आगरा आगमन’ पुस्तक का विमोचन
आगरा। भीमनगरी कमेटी अध्यक्ष करतार सिंह भारतीय ने डा. अंबेडकर के आगरा आगमन के क्षणाें पर अपनी दूसरी पुस्तक प्रकाशित की है। संकल्प समारोह में थाईलैंड के भदंत छलांग ने पुस्तक का विमोचन किया। करतार सिंह भारतीय के मुताबिक, पुस्तक में डा. अंबेडकर के आगरा में दिए गए भाषण और उनके हर पल का लेखा-जोखा शामिल है। दूसरे संस्करण में कई दुर्लभ चित्र भी प्रकाशित किए गए हैं। दलित साहित्यकार अर्जुन सावेदिया ने कहानी ‘नई पौध’ की प्रतियों को वितरित किया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें