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प्रदूषण से बचाने का प्रयासः मथुरा में पंचायतकर्मियों ने खेतों से उठाई पराली, किसानों को समझाया

Thu, 21 Nov 2019 01:16 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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नंदगांव में खेतों में पड़ी पराली हटाते पंचायतकर्मी व अन्य - फोटो : अमर उजाला
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प्रदूषण का स्तर पिछले दिनों बेहद खतरनाक हो गया था। स्वास्थ्य इमरजेंसी के हालत दिल्ली-एनसीआर में थे। वहीं मथुरा में प्रदूषण से लोग परेशान दिखे थे। किसानों के पराली जलाने पर प्रशासन गंभीर दिखाई दिया।
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कई स्थानों पर मथुरा में किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए। लेकिन, गुरुवार को किसानों की पराली को नंदगांव के पंचायतकर्मियों ने खेतों से उठाकर उन्हें इसे न जलाने के लिए सीख दी।
 
मथुरा में नंदगांव में खेतों से नगर पंचायत कर्मी, पुलिस एवं ब्लॉक के अधिकारी गुरुवार सुबह की खेतों की ओर दौड़ लगाते दिखाई दिए। इस दौरान जगह जगह खेतों में पड़ी पराली दिखाई देने पर किसानों को बुलाया गया। अधिकारियों ने किसानों को पराली न जलाने के लिए हिदायत दी और इसके अन्य प्रकार से निस्तारण के निर्देश दिए। 
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गौरलतब है कि मथुरा में विगत दिनों कई किसानों पर प्रशासन नजर रखे हुए था। पुलिस ने विगत सोमवार को पराली जलाने पर 11 किसानों को गिरफ्तार किया है। इनमें छाता के पांच, कोसीकलां का एक और शेरगढ़ के चार किसान शामिल हैं। 

वहीं, पराली जलाने की सूचना मिलने के बाद भी किसानों को न रोक पाने और लापरवाही पर छाता तहसील के दो लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। 300 किसानों को नोटिस जारी कर करीब 13 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

जिला प्रशासन को मथुरा के छाता, कोसीकलां, शेरगढ़ व चौमुहां इलाके में सेटेलाइट से पराली जलाने की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने आठ नवंबर को 39 अफसरों की ड्यूटी लगाई है।
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