त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदाता पुनरीक्षण के लिए गांवों में घर-घर जाकर सर्वे करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर फर्जीवाड़े के आरोप लग रहे हैं। ग्राम पंचायत मुखरई के प्रधान ने डीएम से शिकायत की है कि बीएलओ ने 45 फर्जी मतदाता सूची में जोड़ दिए हैं जिन्हें 2021 के चुनाव में सूची से हटाया गया था।
प्रधान मानवेंद्र सिंह ने बताया कि सूची में जोड़े गए 45 मतदाताओं में कई नाबालिग हैं। कुछ लोग राजस्थान के रहने वाले हैं, जबकि कुछ लोगों के नाम रजपुरा व अन्य पंचायतों की सूची में दर्ज हैं। ऐसे में बीएलओ ने बड़ी लापरवाही की है। प्रधान ने शिकायत के साथ साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। जोड़े गए संदिग्ध नामों को सूची से हटाने करने की मांग उठाई है। 19 अगस्त से 29 सितंबर तक 1400 से अधिक बीएलओ ने 690 ग्राम पंचायत में करीब 5 लाख से अधिक घरों का सर्वे किया था जिसके आधार पर मतदाताओं की पांडुलिपियां तैयार की गईं।
हस्तलिखित पांडुलिपियों को कंप्यूटर पर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इस सूची पर आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। 15 जनवरी तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। डीएम अरविंद एम बंगारी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि कोई शिकायत आई है, तो उसकी जांच कराई जाएगी। बीएलओ की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।