बाह। पंचकल्याणक वेदी प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ में मंगलवार को भगवान नेमिनाथ का जन्मोत्सव मनाया गया। इसमें श्रद्धालु झूम उठे। कस्बे में रथयात्रा निकाली गई।
महोत्सव में मुनिराज विहसंतसागर ने कहा कि माता शिवादेवी के गर्भ से शौरीपुर में श्रीकृष्ण के चचेरे भाई भगवान नेमिनाथ का जन्म हुआ तो 12.50 करोड़ बाजा (सायरन) एक साथ बज उठे थे। उन्होंने बताया कि सौधर्म इंद्र को भगवान के पैदा होने का कर्म पुण्य प्राप्त होता है। भगवान नेमिनाथ ने जनकल्याण के लिए जन्म लिया। मंगलवार को आचार्य अजीत शास्त्री, संदीप शास्त्री, ऋषभ शास्त्री ने अभिषेक-पूजन , शांतिधारा कराई।
इसके बाद सौधर्म इंद्र की सभा सजी। अष्ट कुमारियों ने मंगलगीतों पर नृत्य किया। दोपहर में रथयात्रा निकाली गई। समापन पर सपन गार्डन में प्रतिष्ठा के लिए रखी प्रतिमाओं की शुद्धि की प्रक्रिया चली। महोत्सव में विधायक पक्षालिका सिंह, राज्य अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य अनीता जैन, सुनीता जैन काला, बाह के चेयरमैन सुनील बाबू को सम्मानित किया गया।
भगवान नेमिनाथ के जन्मकल्याण उत्सव में सौभाग्यवती महिलाओं ने उनको पोशाक पहनाई। अभिषेक किया, मुकुट हार पहनाया। इस दौरान महिलाएं भाव विभोर हो उठीं।
महोत्सव में मुनिराज विहसंतसागर ने बताया कि बुधवार को भगवान नेमिनाथ का तप कल्याणक उत्सव मनाया जाएगा। सुबह शौरीपुर से जूनागढ़ (बाह) के लिए भगवान की बरात निकलेगी। सुबह 10 बजे शौरीपुर से निकलने वाली बरात बाह में 1 बजे पहुंचेगी।