पाकिस्तान के बिल्डर ने आगरा में बिचपुरी ब्लॉक के चौहटना गांव में 5846 वर्ग मीटर जमीन खरीद ली। इसका खुलासा होने पर दाखिला खारिज (रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के लिए) के लिए किया गया आवेदन निरस्त कर दिया गया है।
प्रशासन ने बैनामा निरस्त कर जमीन को राज्य सरकार की संपत्ति घोषित करने के आदेश दे दिए हैं। डीएम प्रभु एन सिंह ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
यह बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट देगी। इसी फर्म के नाम से एटा में भी जमीन खरीदी गई है। आगरा के ही मघटई गांव में कॉलोनी काटे जाने की भी शिकायत आई है।
यह जमीन 13 नवंबर 2019 को पाकिस्तान के कराची शहर में पंजीकृत फर्म अल कौसर बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के नाम से खरीदी गई है। कंपनी 11 महीने पहले ही बनी है। इसमें एटा की सिंधी कॉलोनी निवासी हाजी केसर अली भी पार्टनर है।
24 दिसंबर को आगरा के नायब तहसीलदार की कोर्ट में फर्म के हक में दाखिला खारिज कराने के लिए आवेदन किया गया। इसके लिए जांच की गई तो खुलासा हो गया कि फर्म पाकिस्तान की है। इसका बैनामा राजस्व नियमों के विरुद्ध किया गया है।
ढाई महीने बाद आठ फरवरी को दाखिला खारिज का आवेदन निरस्त कर दिया गया। नायब तहसीलदार ने बैनामा निरस्त कर जमीन को राज्य सरकार की संपत्ति घोषित करने की संस्तुति कर फाइल डीएम के पास भेज दी। डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
1.09 करोड़ में खरीदी जमीन
यह जमीन भोगीपुरा निवासी अशोक कुमार की थी। उसने हाजी केसर अली को 1.09 करोड़ रुपये में बेची। बैनामे में खरीददार का पता सिंधी कॉलोनी, एटा दर्ज कराया। जमीन की सर्किल रेट से कीमत 1.44 करोड़ थी। यह इससे कम में बेची गई।
दस्तावेज नहीं दिखा पाए खरीददार
नायब तहसीलदार सुनील कुमार ने बताया कि दाखिला खारिज का आवेदन आने पर खरीददार अल केसर से कई बार पूछताछ की। वह अल कौसर कंपनी से संबंधित दस्तावेज नहीं दे पाए। इस पर जांच कराई तो कंपनी का दफ्तर कराची का निकला।