मैनपुरी। वृद्धवस्था पेंशन के सत्यापन में डेढ़ हजार ऐसे लोग मिले हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। इनके खातों में पेंशन भेजी जा रही थी। रिपोर्ट आने के बाद समाज कल्याण अधिकारी ने पेंशन रोकने के साथ ही पूर्व में भेजी गई धनराशि को वापस कराने के लिए आदेश जारी किया है।
जिले में 93 हजार वृद्धों को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है। हर साल अपात्रों को बाहर करने के लिए सत्यापन कराया जाता है। इस वर्ष सत्यापन के बाद तैयार रिपोर्ट में 1521 लोग अपात्र मिले। इन लोगों की बीते एक साल में मृत्यु हो चुकी है, लेकिन इनके खातों में लगातार पेंशन भेजी जा रही थी।
रिपोर्ट आने के बाद समाज कल्याण अधिकारी डॉ. इंद्रा सिंह ने पेंशन रोकने के आदेश दिए हैं। साथ ही मृत्यु की तिथि से अब तक उनके खातों में भेजी गई पेंशन का ब्योरा तैयार करने के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया है। ब्योरा मिलने के बाद खातों से धनराशि की रिकवरी की जाएगी। इसके लिए बैंकों को पत्र भेजे जाने की तैयारी में विभाग जुट गया है।
तीन नगर निकायों ने नहीं दी रिपोर्ट
ग्रामीण क्षेत्र की 552 ग्राम पंचायतों में जहां पेंशन सत्यापन पूर्ण हो गया है तो वहीं तीन नगर पंचायतें लापरवाही कर रही हैं। अब तक नगर पालिका परिषद मैनपुरी, नगर पंचायत भोगांव और नगर पंचायत बेवर ने रिपोर्ट नहीं भेजी है। इसके लिए समाज कल्याण अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से संबंधित को स्मरण पत्र भेजा है। इसमें जल्द से जल्द सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
-93370 हैं कुल वृद्धावस्था पेंशनधारक
-1521 मिले हैं सत्यापन में मृतक
-03 नगर निकायों ने नहीं भेजी रिपोर्ट
-552 ग्राम पंचायतों में पूरा हुआ सत्यापन
वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन में डेढ़ हजार मृतक मिले हैं। इन सभी की पेंशन रोकने के साथ ही रिकवरी की कार्रवाई भी की जा रही है। जिन नगर निकायों ने सत्यापन रिपोर्ट नहीं दी है, उन्हें भी स्मरण पत्र भेजा गया है। - डॉ. इंद्रा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।