जीआईसी मैदान आयोजित हुए हिंदू सम्मेलन में ऐशान्या ने कहा कि 'मेरी कथा और व्यथा सबको पता है, लेकिन इस घटना को अपनी ताकत बनाकर आगे चलना चाहती हूं। 22 अप्रैल, 2025 का दिन वो 'ब्लैक डे' था, जिस दिन हिंदुओं से कहा गया था कि कलमा पढ़ो। नहीं पढ़ोगे तो गोली मार देंगे। फिर भी मेरे पति ने गर्व से कहा था कि मैं हिंदू हूं।
उन्होंने कहा कि हम किसी से धर्म पूछकर सामान नहीं खरीदते हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहलगाम घटना के बाद वे अपनी बहन के स्टोर पर गई थीं। वहां बुर्के में तीन महिलाएं आईं। उन्होंने कहा कि ये तीनओं महिलाएं उन्हें देखकर लौट गईं। कुछ आगे चलकर आपस में कहने लगीं कि यह वही पहलगाम वाली लड़की है। इसके यहां से कुछ नहीं खरीदना है।
ऐशान्या ने कहा कि उनका क्या बिगाड़ा था? उन्होंने मेरा धर्म पूछा था, मेरे मुसलमान न होने और हिंदू होने की वजह से हम पर गोलियां चलाईं। उनके साथ गलत नहीं किया था। फिर भी वो मुंह पर बोल कर गईं कि इनके यहां से कुछ नहीं लेना। क्योंकि, ये वही पहलगाम वाली हिंदू लड़की है।