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ऑक्सीटोसिन ही था बिना नाम के बिक रहा इंजेक्शन

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मैनपुरी। सात माह पहले मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान पकड़ा गया बेनामी इंजेक्शन ऑक्सीटोसिन ही निकला। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जल्द ही मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर कराएगा।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल के नेतृत्व में सात माह पहले दिहुली के बघेल मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था। निरीक्षण के दौरान टीम ने यहां एक बेनामी इंजेक्शन बड़ी मात्रा में बरामद किया था। ऑक्सीटोसिन होने की आशंका में इस इंजेक्शन का नमूना लेकर राज्य प्रयोगशाला भेजा गया था। कुछ दिन पहले जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि ये इंजेक्शन ऑक्सीटोसिन ही था। पशु चिकित्सा में इस इंजेक्शन पर प्रतिबंध है। रिपोर्ट आने के बाद औषधि निरीक्षक द्वारा संचालक के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर करने की तैयारी शुरू की है।
सिरसागंज से जुड़े हैं तार
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पर प्रतिबंध होने के बावजूद इसकी आपूर्ति कहां से हो रही है, इसकी गोपनीय जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार जिले में सिरसागंज से इसकी आपूर्ति हो रही है। ये इंजेक्शन सिरसागंज में ही बन रहा है या फिर यहां भी कहीं से भेजा जा रहा है। इसकी भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जांच करा रहा है।
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वर्जन
करीब सात माह पहले दिहुली से एक बिना लेवल लगे इंजेक्शन बड़ी मात्रा में बरामद किए गए थे। एक नमूना जांच के लिए भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में ये इंजेक्शन ऑक्सीटोसिन होने की पुष्टि हुई है। विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर किया जाएगा।
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उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।
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