आगरा जिले में 1485 लोगों के हिस्से में एक ऑक्सीजन सिलिंडर है। जिला प्रशासन ने तीसरी लहर के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की उपलब्धता का ऑडिट कराया है। जिसमें 52 लाख की आबादी पर जिले में 3,500 सिलिंडर का इंतजाम है। जिनमें 500 सिलिंडर वेंडर्स के पास, 900 सिलिंडर सिकंदरा प्लांट और 1,200 सिलिंडर टेढ़ी बगिया प्लांट से मिल सकेंगे। बाकी 900 सिलिंडर का इंतजाम अन्य स्रोतों से होगा।
जिले में 14 अस्पताल ऐसे हैं जिनके लिए दूसरे जिलों से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) मंगानी पड़ेगी। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि दूसरी लहर जैसी समस्या तीसरी लहर में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा है। बाहर से एलएमओ आने में अब दिक्कत नहीं होगी। जिले में 3,500 सिलिंडर उपलब्ध हैं।
क्या नए सिलिंडर और खरीदे जाएंगे, इस सवाल के जवाब में डीएम ने कहा कि सिलिंडर खरीदने की कोई योजना नहीं है। दूसरी लहर में 2,200 मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था प्रशासन ने जिले में की थी। जब दूसरी लहर चरम पर थी तब जिले में 4,400 से अधिक सक्रिय मरीज थे। तीसरी लहर में भी प्रशासन 2,200 से 2,500 बेड का इंतजाम कर सकता है।
अगस्त में बढ़ सकता है संक्रमण
ताजनगरी में पिछले 20 दिनों से संक्रमण स्थिर है। नए मरीज नहीं मिल रहे। परंतु जिला प्रशासन का मानना है कि अगस्त में फिर संक्रमण बढ़ सकता है। वायरस का ट्रेंड बदल रहा है। सितंबर के पहले सप्ताह में तीसरी लहर आने की आशंका है। पिछले तीन महीने से जिले में ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना का कार्य चल रहा है परंतु नौ अस्पताल व स्वास्थ्य कें द्रों में चार जगह संयंत्र शुरू हो सके हैं। प्रशासन का दावा है कि अगस्त तक सभी संयंत्र शुरू हो जाएंगे।
24 घंटे में कोई नया मरीज नहीं
सोमवार को पिछले 24 घंटे में 5,081 लोगों की कोरोना जांच की गई है। कोई नया मरीज नहीं मिला है। एक संक्रमित ठीक भी हुआ है। जिले में अब 22 सक्रिय मरीज हैं। 456 मरीजों की मौत हो चुकी है। सोमवार तक 13.53 लाख लोगों की कोरोना जांच हो चुकी हैं। जिनमें 25,722 मरीज मिल चुके हैं। 25,244 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। मरीजों के स्वस्थ होने की दर 98.14फीसदी है।
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