जिला अस्पताल के वार्ड में लगी सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन
- फोटो : Agra City
आगरा। नियंत्रण महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में जिला अस्पताल को उच्चीकृत करने में 1.88 करोड़ रुपये की फिजूलखर्ची और लापरवाही साफ दिखती है। यहां चार विभागों के वार्ड में आधी-अधूरी पाइप लाइन बिछाकर छोड़ दी गई है। 10 साल में यह आधी-अधूरी लाइन भी खराब हो गई है।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार, जिला अस्पताल के महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, सर्जिकल वार्ड और मेडिसिन के 110 बेड तक लिक्विड ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई जानी थी। 10 साल पूरे होने पर भी यह सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम पूरा नहीं हो पाया है। अब कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद ऑक्सीजन प्लांट तैयार हुआ है। इस प्लांट से सभी विभागों के बेड को सेंट्रल पाइपलाइन से ऑक्सीजन को कनेक्ट किया जा रहा है। इस काम के दौरान कार्यदायी संस्था ने कई जगह से पाइपलाइन खराब होने की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी है। बिना मरम्मत के यह पाइप लाइन काम नहीं करेगी।
अब 138 बेड तक पहुंचाई जाएगी ऑक्सीजन
जिला अस्पताल में अब बेड की संख्या 138 हो गई है। इसमें पोषण पुनर्वास केंद्र के 25 और तीन बेड सर्जिकल वार्ड के हैं। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो गया है, इससे सभी 138 बेड तक सेंट्रल पाइपलाइन से ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य शुरू हो गया है।
पाइपलाइन की मरम्मत करनी पड़ेगी: डॉ. अग्रवाल
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि उनके कार्यकाल से पहले का मामला है, अब ऑक्सीजन प्लांट से सभी विभागों तक सेंट्रल पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था ने बताया कि वार्ड में लगी पाइपलाइन कई जगह से खराब हो चुकी है, उसे ठीक करके ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है।