नगर निगम और निकायों की बड़ी लापरवाही के कारण 40 हजार से अधिक बुजुर्गों और निराश्रित महिलाओं (विधवाओं) की पेंशन का भुगतान अधर में लटक सकता है। वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही समाप्त होने में अब सिर्फ 8 दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन नगरीय निकायों द्वारा अभी तक पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन पूरा नहीं किया गया है। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों (ब्लॉकों) में सत्यापन का काम शत-प्रतिशत पूरा कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेज दी गई है, जिसे पोर्टल पर भी अपलोड कर दिया गया है।
जिले में वर्तमान में 52 हजार से अधिक निराश्रित महिलाओं और 80 हजार से अधिक बुजुर्गों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। सरकार द्वारा नए वित्तीय वर्ष में इस राशि को 1000 से बढ़ाकर 1500 प्रति माह किया जाना प्रस्तावित है। लेकिन निगम और निकायों की सुस्ती के चलते जुलाई महीने में आने वाली इस बढ़ी हुई किस्त पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। शहरी निकायों में कुल 17,613 निराश्रित महिलाओं और 23,530 वृद्धावस्था पेंशनधारकों का सत्यापन अभी तक लंबित है।
निकायवार अटके सत्यापन के आंकड़े (एक नजर में)
नगर निगम फिरोजाबाद: 20,678
शिकोहाबाद नगर पालिका: 1,685
टूंडला नगर पालिका: 438
जसराना नगर पंचायत: 297
सिरसागंज नगर पालिका: 298
फरिहा नगर पंचायत: 134
निराश्रित महिला पेंशन (विधवा):
नगर निगम फिरोजाबाद: 13,555
शिकोहाबाद नगर पालिका: 2,014
टूंडला नगर पालिका: 905
सिरसागंज नगर पालिका: 629
जसराना नगर पंचायत: 230
मक्खनपुर नगर पंचायत: 174
फरिहा नगर पंचायत: 102
एका नगर पंचायत: 04
जुलाई में आनी है किस्त, विभाग को रिपोर्ट का इंतजार
संबंधित सामाजिक विभागों को अब केवल शहरी निकायों की सत्यापन आख्या का इंतजार है। यदि रिपोर्ट आने में कुछ दिन और देरी हुई, तो शासन स्तर से बजट जारी होने के बावजूद लाभार्थियों के बैंक खातों में समय से पैसा पहुंचना नामुमकिन हो जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र के वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन का काम पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। शहरी निकायों से अभी तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, विशेषकर नगर निगम फिरोजाबाद से बड़ी संख्या में रिपोर्ट आना बाकी है। हमारी कोशिश है कि जुलाई माह में पेंशन की अगली किस्त जारी होने से पहले हर हाल में इस काम को पूरा करा लिया जाए।
- राजमती, जिला समाज कल्याण अधिकारी, फिरोजाबाद