आवास विकास परिषद के निशाने पर 100 से अधिक स्कूल, होटल और अस्पताल है। इनका संचालन आवासीय भूखंडों में किया जा रहा है। परिषद न केवल इनके बिजली और पानी के कनेक्शन काटने जा रहा है, बल्कि मान्यता और पंजीकरण निरस्त करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भी लिख रहा है।
मेरठ के एक प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास परिषद ने अपनी संपत्तियों का सर्वे कराया। इस सर्वे में दीनदयाल पुरम (सिकंदरा योजना) के सेक्टर 1 से 16 तक, ट्रांसयमुना और कमला नगर क्षेत्र में 1500 से अधिक ऐसे निर्माण चिह्नित किए गए हैं, जहां आवासीय भूखंडों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए हो रहा है।
पहले चरण में परिषद ने 100 से अधिक स्कूल, अस्पताल, होटल और रेस्तरां को चिह्नित कर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की है। आवास विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार ने बताया कि अवैध रूप से संचालित इन संस्थानों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई होगी।
विद्युत विभाग, जलकल और नगर निगम को पत्र भेजकर तत्काल कनेक्शन काटने को कहा जाएगा। स्कूलों की मान्यता खत्म करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी और अस्पतालों के पंजीकरण निरस्तीकरण के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजेंगे। व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस और प्रशासन से फोर्स की मांग की गई है।