करहल (मैनपुरी)। सरकारें स्नातक और इससे उच्च शिक्षाधारी युवाओं को मात्र पांच से 10 हजार रुपये मासिक पर नौकरी दे रही है। वह भी आउट सोर्सिंग के माध्यम से दी जा रही हैं। यह युवाओं का शोषण है। शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर स्थाई रोजगार मुहैया कराया जाना चाहिए। यह बातें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने बुधवार को कहीं।
बुधवार को एक मैरिज होम में सम्मान समारोह के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जिला रोजगार केंद्रों की दशा बहुत खराब है। उनका संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। इंजीनियर हों या कर्मचारी। हमेशा ही उनके हितों की रक्षा के लिए संगठन के माध्यम से प्रयास किया गया है। जरूरी होने पर संघर्ष करने में पीछे नहीं हटेंगे। हमारा प्रयास है बेरोजगार स्नातकों को उचित रोजगार मिले। बाद में तहसील पहुंचकर वकीलों और कर्मचारियों से मिलकर सहयोग मांगा। सत्यप्रकाश दुबे, शंशाक मिश्रा, सुरेश यादव, अरुणेंद्र यादव, श्रीनिवास यादव, आशीष पांडेय, विवेक पांडेय, शहवाज कुरैशी, गिरीश दीक्षित, कूकी पांडेय, विनोद तिवारी मौजूद रहे।
भड़ारे ने प्रसाद ग्रहण किया
करहल। किरथुआ में तिराहे पर श्रीमद् भागवत सप्ताह के बाद हुए भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव, पूर्व राज्यमंत्री सुभाषचंद्र यादव, सतीशचंद्र, ग्रीश यादव, पवन यादव, अंकित यादव, पुनीत यादव, बैजनाथ, शशांक चतुर्वेदी, विक्की यादव मौजूद रहे।