कासगंज के पटियाली में बारिश के दौरान बाजार में पसरा सन्नाटा
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कासगंज। कड़ाके की ठंड के बीच बारिश हो जाने से ठिठुरन बढ़ गई। ठिठुरन बढ़ जाने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश का जनजीवन पर बेहद प्रभाव नजर आया। बाजारों में सन्नाटे के हालात देखे गए। अधिकतम पारा 16 डिग्री सेल्सियस पर था जबकि न्यूनतम पारा 8 डिग्री सेल्सियस पर था।
सुबह के समय बाजार देरी से खुले वहीं सायं के समय बाजार जल्दी से बंद हो गए। दिन के समय में ही वातावरण में अंधेरा छा जाने से देर सायं का एहसास होने लगा। बारिश के कारण पारे में भी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार की रात्रि से बारिश शुरू हुई। रात के समय जिलेभर में अच्छी खासी बारिश हुई। सुबह जब दिन निकला तो आसमान में घने बादल छाए थे। लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास होने लगा।
पूरे दिन में रुक रुककर बारिश होती रही। दोपहर 3 बजे के बाद आसमान में घने काले बादल छा गए और दिन में ही देर सायं का एहसास होने लगा। सायं 5 बजते ही पूरी तरह से वातावरण में अंधेरा छा गया। बारिश का असर जनजीवन पर काफी नजर आया। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या भी काफी कम थी। बारिश के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। झोपडिय़ों और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों के लिए बारिश मुसीबत बन गई। पूरे जिले में बारिश का यही आलम बना रहा। कलक्ट्रेट और सरकारी कार्यालयों में भी सन्नाटे के हालात थे कम संख्या में फरियादी नजर आए। बारिश खेतीबाड़ी के लिए अच्छी बताई गई। गेहूं सहित अन्य फसलों को जो सिंचाई की जरूरत थी वह बारिश से पूरी हो गई।
फसलों के लिए बारिश फायदेमंद है, लेकिन ऐसे मौसम में पाला गिरने की संभावना बन जाती है। यदि पाला गिरा तो मटर की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं अत्यधिक नमी के कारण फसलों में फंगल का खतरा बढ़ जाता है।
- सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।