परीक्षा समिति की अनदेखी करने पर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) ने आंदोलन की चेतावनी दी है। पदाधिकारियों का आरोप है कि परीक्षा कराने का दायित्व परीक्षा समिति का है, उसकी उपेक्षा कर अवैधानिक रूप से अनुत्तरदायी सदस्यों से केंद्र निर्धारित कराया जा रहा है।
आगरा विश्वविद्यालय की स्नातक प्रथम वर्ष की द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में परीक्षा समिति की अनदेखी करने पर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) ने आंदोलन की चेतावनी दी है। औटा के पदाधिकारियों की बैठक मंगलवार को विश्वविद्यालय स्थित संगठन के कार्यालय में हुई। कुलपति को संबोधित ज्ञापन भी दिया गया। औटा के पदाधिकारियों का आरोप है कि परीक्षा कराने का दायित्व परीक्षा समिति का है, उसकी उपेक्षा कर अवैधानिक रूप से अनुत्तरदायी सदस्यों से केंद्र निर्धारित कराया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों की जांच बंद कराने की मांग की गई है।
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विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) ने द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा के संचालन के लिए बनाई गई समिति के नाम मांगे हैं। यह भी पूछा है कि किस नियम के तहत समिति का गठन किया गया है, परीक्षा समिति से स्वीकृति ली गई है या नहीं। बिना तैयारी के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा कराए जाने पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। कहा है कि बिना परीक्षा फार्म भरवाए व प्रवेशपत्र दिए, परीक्षा शुरू कराने से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है।
दी आंदोलन की चेतावनी
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनके उठाए मुद्दों पर एक हफ्ते में उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बैठक में औटा की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अनुराधा गुप्ता, महामंत्री डॉ. भूपेंद्र कुमार चिकारा, फुपुक्टा अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. दिग्विजय पाल सिंह, डॉ. शशिकांत पांडे, डॉ. गौरव कौशिक आदि मौजूद रहे।