फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजीकरण का विरोध: बिजलीकर्मियों ने मनाया विरोध दिवस, 13 को बांधेंगे काली पट्टी; आंदोलन को देंगे धार

Sat, 11 Jan 2025 10:51 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

बिजलीकर्मियों ने निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। अब विरोध सभा कर आंदोलन को धार दी जाएगी। 13 जनवरी को बिजलीकर्मी काली पट्टी बांधेंगे।
 
विज्ञापन
बिजली कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिणांचल और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने शुक्रवार को विरोध दिवस मनाया। कर्मचारियों ने एलान किया कि निजीकरण का फैसला वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 13 जनवरी को पूरे दिन कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। विरोध सभा के जरिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
विज्ञापन


विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के कर्मचारियों ने विरोध सभा कर आक्रोश व्यक्त किया। एमडी ऑफिस पर हुए प्रदर्शन में कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ 13 जनवरी को पूरे दिन काली पट्टी बांधेंगे और विरोध सभा करेंगे। अवकाश के दिनों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से आम उपभोक्ताओं के बीच जनजागरण अभियान चलाएंगे।

समिति के प्रभात सिंह ने कहा कि एक बार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को निजी घरानों को सौंप दिया गया तो पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था का निजीकरण करने में समय नहीं लगेगा। आंदोलन के अगले कदम 13 जनवरी को घोषित कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन


विरोध सभा में कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण का सबसे ज्यादा नुकसान गरीबी रेखा से नीचे रह रहे आम बिजली उपभोक्ताओं और किसानों का होगा। मुंबई में निजी क्षेत्र में बिजली है और वहां घरेलू उपभोक्ताओं को 17-18 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलती है। संघर्ष समिति निजीकरण वाले शहरों के बिजली टैरिफ का चार्ट बनाकर घर-घर वितरित करेगी।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें