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ऑपरेशन तलाश ने 43 दिन में 628 को अपनों से मिलाया

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आगरा। आईजी रेंज नवीन अरोरा के ऑपरेशन तलाश अभियान ने 43 दिन में 628 गुमशुदा और अपहृत को अपनों से मिलाया। इनमें पुरुषों के साथ ही महिलाएं, किशोर और किशोरियां शामिल रहीं। पुलिस जहां अपहरण और गुमशुदा लोगों के मामलों में रुचि नहीं लेती थी, वहां न सिर्फ केस दर्ज करने में तत्परता दिखाई, बल्कि लापता और अपहृत को ढूंढ भी निकाला। परिवार के लोगों ने पुलिस की तत्परता को सराहा।
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आईजी रेंज नवीन अरोरा ने बताया कि एक जुलाई को आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में ऑपरेशन तलाश-घर वापसी अभियान चलाया गया था। यह 15 अगस्त तक चलाया जाएगा। इसमें ऐसे मामलों को चिह्नित किया गया, जिनमें महिला-पुरुष गुमशुदा है या फिर किशोर-किशोरी लापता है। किशोर और किशोरियों के लापता होने के मामले में अपहरण के मुकदमे दर्ज किए गए थे। कई मामलों को पुलिस भूल चुकी थी। पीड़ित थाने जाते थे तो पुलिस उन्हें टरका देती थी। लापता मामले में बालिग होने पर कहा जाता था कि वह अपनी मर्जी से गए होंगे। कई सालों से घर नहीं लौटे थे। इस पर थाना स्तर पर निर्देश देकर अभियान की शुरूआत की गई।
अपहृत गुमशुदा
आगरा : 65, 199
मथुरा : 54, 93
मैनपुरी : 37, 59
फिरोजाबाद : 33, 88
कुल : 189, 439
(यह आंकड़ा एक जुलाई से 12 अगस्त तक का है)
आईजी के ऑपरेशन मुस्कान ने कई परिवारों में खुशियां ला दीं। गुमशुदा लोगों को घर पहुंचा दिया। बच्चों को मां-बाप से मिलाया। लोगों ने अपनों से मिलकर पुलिस का धन्यवाद दिया। पुलिस के मुताबिक, सबसे ज्यादा मामलेे किशोरियों के घर से जाने के आते हैं। उन्हें युवक जाल में फंसाते हैं। कई बार वो घर से नाराज होकर चली जाती हैं। एत्माद्दौला क्षेत्र से तीन बच्चे लापता हो गए थे। पुलिस ने उन्हें कुछ ही देर में ढूंढ निकाला। इसी तरह जगदीशपुरा से लापता किशोरी को घर पहुंचा दिया। परिजनों ने पुलिस के कार्य को सराहा। जगदीशपुरा, शाहगंज, ताजगंज, एत्माद्दौला क्षेत्र से किशोरियों के जाने से मामले अधिक आते हैं।
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ताजगंज क्षेत्र की युवती तीन साल पहले लापता हो गई थी। परिजन थाने के चक्कर काटकर थक गए थे। अब पुलिस ने ऑपरेशन तलाश अभियान में युवती की तलाश की। वो मिल गई। उसने शादी कर ली थी। पुलिस उसे परिवार के पास लेकर पहुंची। मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने पुलिस से कहा कि अब उनकी आस पूरी हो गई। पुलिस ने युवती के बयान दर्ज कराए। बालिग होने की वजह से उसे अपनी मर्जी पर छोड़ दिया।
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