आगरा के सिकंदरा के निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन की इमारत से सटे भूमिगत नाले समेत हाईवे किनारे मौत के गड्ढे खुले पड़े हैं। सिकंदरा से गुरु का ताल के बीच जगह-जगह भूमिगत नाले के मैनहोल के ढक्कन गायब हैं। कई जगह यह नाला 6 से 8 फीट तक गहरा है जिसमें गिरकर हादसे की आशंका है। चार दिन बाद बाबरपुर रोड पर आयोजित हो रहे जनकपुरी महोत्सव में लाखों लोगों के पहुंचने के आसार हैं। ऐसे में खुले मैनहोल हादसे का कारण बन सकते हैं।
नेशनल हाईवे के किनारे सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां फुटपाथ की तरह उपयोग किए जा रहे भूमिगत नाले के मैनहोल पर रखा स्लैब गायब हो गया है। इससे भारी वाहनों के आवागमन के समय प्रभा हॉस्पिटल, केके नगर, बाबरपुर मोड़ पर जाने के लिए लोग इसी फुटपाथ का इस्तेमाल करते हैं जो 8 फीट गहरा है।
मेट्रो स्टेशन के निर्माण में वाहनों के आवागमन में बाधा के कारण इस स्लैब को हटा दिया गया। इसी तरह सिनर्जी और रेनबो हॉस्पिटल के पास भूमिगत नाले का स्लैब हटा हुआ है। बीते दिनों जलभराव की शिकायत पर इस नाले के कई स्लैब हटाए गए थे जिन्हें कचरा हटाने के बाद फिर से रखा नहीं गया। क्षेत्रीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से इसकी शिकायत की है लेकिन एक माह बाद भी नाले के खुले मैनहोल कवर नहीं किए गए।
बसई रोड पर भी ढक्कन गायब
हाईवे ही नहीं, गलियों, मोहल्लों और शहर की अंदरूनी सड़कों पर भी मैनहोल खुले पड़े हैं। पदम इनफर्निटी के पास बसई, ताजगंज में सीवर मैनहोल का ढक्कन गायब हो चुका है। इसकी शिकायत नगर निगम से की गई है। शहर में 150 से ज्यादा जगहें ऐसी हैं जहां से सीवर मैनहोल के टूटने, गायब होने, क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें आई हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के घटना प्रबंधक दीपक खटाना का कहना है कि सिकंदरा से आगे पूरी रोड का सर्वे कराएंगे। बाबरपुर मोड़ पर जिन जगहों पर नाले के मैनहोल खुले हैं उन्हें कवर कराया जाएगा और फुटपाथ पर चलने वाले यात्रियों के लिए इसे सुरक्षित बनाएंगे।
जलकल के महाप्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए मैंने चारों जोन से मैनहोल टूटने, गायब और जर्जर स्थिति की रिपोर्ट जलकल और वीए टेक वबाग के अधिकारियों से मांगी है। सर्वे के बाद तत्काल इन्हें ढकवाया जाएगा ताकि कोई हादसा न हो।