आगरा की घनी बस्तियों, मोहल्लों के बीचोंबीच से निकले 20 फीट तक गहरे नाले न केवल सेहत के लिए खतरनाक हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। खुले पड़े नालों में गिरकर कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जनप्रतिनिधियों और संगठनों ने नालों को ढकने की मांग उठाई लेकिन उनके पत्र और प्रस्ताव नगर निगम की फाइलों में ही दबे रहे। काजीपाड़ा और कोठी मीना बाजार नाले में बच्चों और महिला की गिरकर मृत्यु होने के बाद इनके कुछ हिस्से ही ढके गए। निगम के अधिकारियों ने इन्हें फाइलों से बाहर निकाला ही नहीं, जबकि लगातार हादसे हो रहे हैं।
पार्षद रवि बिहारी माथुर ने बताया कि गहरे नालों ढकने की जरूरत है। जरूरी नहीं पूरा नाला सीसी से ढकें, बल्कि लोगों के निकलने के लिए प्री-कास्ट और बाकी पर लोहे का जाल रखा जा सकता है। इससे सफाई भी होती रहेगी।
पार्षद कप्तान सिंह ने कहा कि खुले पड़े नाले जानलेवा हैं। फ्रीगंज की दुर्घटना के बाद इन्हें तत्काल ढकने की जरूरत है। निगम का सदन बुलाकर इस पर प्रस्ताव लगवाएंगे।
पार्षद मुरारी लाल गोयल का कहना है कि मेरे क्षेत्र में खुले नाले हैं, जिन्हें प्री-कास्ट से कवर कराया जा सकता है। हादसों में लोगों की जान जा रही है।
पार्षद मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि अलबतिया रोड, मारुति एस्टेट समेत कई नाले खुले हैं। इन्हें प्री-कास्ट से ढकवाया जाए ताकि किसी की जान न जाए।
-ये हो चुके हादसे: 1
5 मई 2023 को बाइक सवार की नाले में गिरने से जान चली गई
दो मई 2024 को खुले नाले में गिरकर गढ़ी भदौरिया के 30 वर्षीय हरीश की जान गई
31 जुलाई 2024 को कोठी मीना बाजार नाले में स्कूटी सवार महिला की मौत
6 दिसंबर 2023 में बरात देख रही धनौली नाले में गिरकर दो बच्चियों की मौत
2025 में एत्मादपुर हाईवे पर खुले पड़े नाले में बाइक सवार और बुजुर्ग की मौत
2026 में बाग फरजाना में नाले में काम कर रहे मजदूर की दीवार गिरने से मौत
जुलाई 2026 में सुभाष बाजार में दुकान गिरने से मंटोला नाले में गिरी गंगा देवी की मौत
22 अगस्त 2026 को सिकंदरा के लौहकरेरा में नाले में गिरकर 55 वर्षीय बनवारी की मृत्यु
26 अगस्त को फ्रीगंज के चिम्मनलाल बाड़ा में शीला देवी की नाले में गिरकर जान गई