आगरा के कस्बा किरावली के रूनकता मोड के पास आगरा जयपुर हाईवे के सर्विस रोड किनारे बना नाला तीन महीने से खुला हुआ पड़ा हुआ है। इसमें आए दिन छुट्टा मवेशी गिरकर चुटैल हो रहे हैं। वहीं, बच्चों के गिरने की भी आशंका बनी हुई है। एनएचएआई की लापरवाही से लोगों की जान भी जा सकती है।
किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने डीएम से शिकायत करते हुए बताया कि हाईवे के सर्विस रोड किनारे रूनकता मोड के पास एनएचएआई का नाला करीब 150 मीटर तक खुला हुआ है। लगभग तीन महीने पूर्व बारिश के दौरान हाईवे पर जमा पानी की निकासी के लिए नाले की सफाई की गई थी। लेकिन सफाई के बाद नाले पर ढक्कन नहीं लगाया गया है। बुधवार को एक छुट्टा मवेशी नाले में गिरकर चुटैल हो गया। स्थानीय लोगों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला। इसके अलावा अन्य घटनाएं भी हो चुकी हैं। कहा कि एनएचएआई के कर्मचारी रोज पेट्रोलिंग करते हैं। उन्हें कई बार नाले को ढकने के लिए कहा गया है।
लेकिन महीनों से इस समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है। खुला नाला राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। बच्चों के भी खुले नाले में गिरने की आशंका है। उन्होंने जल्द से जल्द खुले नाले पर ढक्कन लगाने की मांग की है। मांग करने वालों में बाबूलाल, भगवान सिंह, राजकिशोर, बहादुर नेता जी, संतोष सिंह, हरेंद्र सिंह, सत्यवीर सिंह सोलंकी आदि लोग हैं। वहीं, परियोजना निदेशक एनएचएआई दौसा इकाई भरत सिंह जोईया का कहना है कि मामला संज्ञान में है, सर्वे किया गया है। दीपावली के त्योहार से पहले किरावली और फतेहपुर सीकरी में खुले नाले पर ढ़क्कन लगवा दिए जाएंगे।
इकलौते बेटे, दो सहेलियों की नाले में गिरकर हो चुकी है मौत
स्थानीय निवासी डॉ. राघव सोलंकी ने बताया कि बीते सितंबर माह में कस्बा रूनकता के मोहल्ला होली में नाले में गिरकर डेढ़ साल के इकलौते बेटे प्रियांशु उर्फ शिवा की डूबने से मौत हो गई। वह अपनी मां किरन के साथ ननिहाल में रह रहा था। वहीं, दिसंबर 2023 में मलपुरा क्षेत्र के मुला की प्याऊ नई आबादी की रहने वाली निशा (5) पुत्री काले और अल्फिया (6) उर्फ छोटा पुत्र शरीफ दोनों सहेलियां बारात को देखने के लिए आगरा जगनेर रोड पर आ गईं। बताया जाता है कि अंधेरे के चलते वह नाले को नहीं देख पाईं और 10 फीट गहरे नाले में जा गिरीं। इससे दोनों की मौत हो गई।