आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। ऐसे में निर्धारित अवधि में आयकर दाखिल न करने वाले लोगों के लिए सरकार सख्त नियम बनाने जा रही है।
इसके तहत ऐसे लोगों को जुर्माने के साथ जेल भी हो सकती है। इस बार सरकार की नजर ऐसे लोगों और कंपनियों पर है जिन्होंने नोटबंदी के दौरान अपने खातों में बड़ी रकम जमा की थी।
आयकर विभाग के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शहर की कुल आबादी 28 लाख है। साथ ही लगभग 5 लाख पेन कार्ड धारकों में महज 72 हजार के करीब लोग आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं।
आयकर विभाग की रडार पर शहर के कई करोड़पति और अरबपति लोग हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स की मानें तो आयकर रिटर्न न दाखिल करने वालों को किसी तरह का ऋण, टीडीएस रिफंड, वीजा लेने में और प्रापर्टी को बेचने या फिर खरीदने में भी परेशानी की सामना करना पड़ सकता है।
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अगले वित्त वर्ष में ऐसे कंपनी संचालक जिन पर न्यूनतम तीन हजार रुपये का आयकर है और वह रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे, उन्हें तीन माह की कैद का प्रावधान है।
इस बार वित्तीय वर्ष 2015-16 और 2016-17 के रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तिथि 31 मार्च घोषित की गई है। अभी तक बड़ी संख्या में लोगों ने रिटर्न दाखिल नहीं किए है।
इस पर आयकर कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन कर दाताओं ने नोटबंदी के दौरान नकद धनराशि जमा की है वे रिटर्न दाखिल कर दें अन्यथा विभाग कार्रवाई करेगा।
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टैक्स के मामलों के एक्सपर्ट कुलदीप अरोड़ा ने बताया अगर आपने रिटर्न दाखिल नहीं किया तो फिर किसी तरह का ऋण, टीडीएस रिफंड, वीजा लेने में और प्रापर्टी को बेचने या फिर खरीदने में दिक्कत आएगी।
मथुरा के अपर आयुक्त आयकर अनिल कुमार शर्मा ने बताया विभाग के पास सूचनाएं उपलब्ध हैं अगर कोई अपनी वास्तविक आय को रिटर्न में छुपाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।