भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने बसपा में मची उथल-पुथल पर निशाना साधते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दकी ही पार्टी में रह जाएंगे। बसपा सुप्रीमो के व्यवहार और दलित विरोधी सोच के चलते पार्टी के अधिकतर नेता किनारा करने में लगे हैं। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को विकास विरोधी बताया है। कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तो विकास कर रहा है लेकिन प्रदेश की तरक्की रुक गई है।
रविवार को धम्म चेतना यात्रा के स्वागत को आए केशव प्रसाद मौर्य ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलेगा। प्रदेश की जनता बसपा और सपा के खिलाफ मन बना चुकी है। इसके संकेत वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में दे दिए थे। कहा कि लोकसभा चुनाव में बसपा को जीरो मिला था, अब विधानसभा चुनाव में डबल जीरो मिलेगा। सपा के लिए कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करके भले ही पार्टी ने लोकसभा चुनाव में खाता खोल लिया हो लेकिन इस बार जनता इसका जवाब देगी। समाज को जातियों में विभाजित करने वालों के दिन बीत गए। दयाशंकर सिंह मामले में कहा कि बुआ-भतीजे (मायावती और अखिलेश यादव) मिल गए हैं। दोनों जनता को गुमराह कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने बुलंदशहर की घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से पद से हट जाने की मांग की। धम्म चेतना यात्रा के संबंध में उनका कहना है कि भाजपा सिर्फ इस यात्रा का स्वागत कर रही है।
सीएम प्रत्याशी बन किस्मत आजमाएं राहुल
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री तो बन नहीं पाए, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनकर अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। उन्होंने शीला दीक्षित को सीएम प्रत्याशी बनाए जाने पर कहा कि कांग्रेस ‘बुजुर्ग महिला’ को परेशान कर रही है।