कासगंज। जिले में अपार आईडी बनाने में लापरवाही हो रही है। आईडी बनाने में जिला 15वें स्थान पर है। अभी तक 45 प्रतिशत छात्रों की ही आईडी बनी है। शासन से पांच फरवरी तक का समय निर्धारित किया है।
शासन से कक्षा एक से 12 तक निजी शिक्षण संस्थान, राजकीय शिक्षण संस्थान, वित्तविहीन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले सभी छात्रों की अपार आईडी अनिवार्य की गई है। इसमें 12 अंक का एक नंबर दिया जा रहा है। इस नंबर से छात्र की पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों के शैक्षिक दस्तावेजों में पारदर्शिता लाना और दस्तावेजों के सुरक्षित डिजिटलीकरण को सुनिश्चित करना है, लेकिन जिले में इस महत्वपूर्ण आईडी को तैयार कराने में विद्यालय गंभीरता नहीं दिखा रहे। जिले में 3,15,051 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। इसमें से अभी तक 1,41,551 छात्रों की ही अपार आईडी जेनरेट हो सकी है।