कासगंज। कोरोना की चौथी लहर का खतरा बना हुआ है, लेकिन बच्चों के कोरोना टीकाकरण में लापरवाही बरती जा रही है। बच्चों का टीकाकरण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा। एक पखवाड़े में मात्र 10.64 प्रतिशत बच्चों को ही कोरोना का टीका लग सका है। यह लापरवाही खतरनाक बन सकती है।
बच्चों के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान को शुरू हुए एक पखवाड़े का समय हो चुका है, लेकिन इस अभियान को लेकर लापरवाही सामने आ रही है। जहां विभाग के अभियान टीकाकरण अभियान में बाधा बन रहे हैं। वहीं, अभिभावक भी बच्चों को टीका लगवाने के प्रति अभी पूरी तरह से गंभीरता नहीं दिखा रहेे। जिला में 68122 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य है, जिसमें से अभी तक मात्र 7253 बच्चों को ही टीका लग सका है। अभी भी 60,869 बच्चे कोरोना टीकाकरण के सुरक्षा चक्र से दूर हैं। चीन, यूरोपीय देशों में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इससे भारत में चौथी लहर आने की आशंका जताई जाने लगी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के एक्सई वेरियंट की दस्तक हो जाने के संकेत दिए हैं। इसे ओमीक्रॉन वेरिएंट से 10 गुना अधिक संक्रामक बताया जा रहा। ऐसे में यदि चौथी लहर में यह वैरिंएट फैला तो बच्चों के लिए खतरा हो सकता है।
कोरोना का टीका है पूरी तरह से सुरक्षित
बच्चों के लिए लगाए जाने वाला कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। इसलिए टीकाकरण में लापरवही न बरती जाए। विभाग के द्वारा जो सत्र आयोजित किए जा रहे हैं उसमें बच्चों को ले जाकर अभिभावक टीका अवश्य लगवाएं। जिससे बच्चों को सुरक्षित किया जा सके। - डॉ. अजुश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी