आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने बताया कि 21 देशों के अलावा अपना घर आश्रम भरतपुर में सैकड़ों भक्तों ने इसमें भाग लिया। व्यवस्थाएं मोहन सोनी, गोविंद, सुमित, भरत गौतम, गोविंद खंडेलवाल, अजय अग्रवाल, तपेश पाठक, हेमंत पाठक, सोनू वर्मा, कृष्णकांत अवस्थी, राहुल तिवारी, अरुण शास्त्री, सीताराम, शिवशंकर, प्रमेश आदि ने संभाली।
लॉकडाउन के कारण मथुरा-वृंदावन के मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में ऑनलाइन धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए भक्त इससे जुड़कर वैश्विक महामारी कोरोना के सर्वनाश की कामना कर रहे हैं। इससे पूर्व दो बार रुद्राभिषेक और एक बार हनुमान चालीसा का पाठ हो चुका है।