आगरा में ट्रैफिक पुलिस अपनी सुविधा के लिए कई चौराहों पर यातायात का संचालन मैनुअली कर रही है। इससे ये चौराहे स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर की कंट्रोल से बाहर हैं। ये एक-दो नहीं, कुल 12 हैं। यहां किसी तरह के ऑनलाइन चालान जेनरेट नहीं हो पा रहे हैं। मंडलायुक्त के निर्देश के बाद नगर आयुक्त ने यातायात पुलिस को इस बारे में पत्र लिखा है।
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स्मार्ट सिटी के तहत कमांड कंट्रोल सेंटर से 1100 सीसीटीवी कैमरों के जरिए शहर की निगरानी का काम किया जा रहा है। इन कैमरों से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का चालान जेनरेट होकर ट्रैफिक पुलिस तक पहुंच रहा है। हाल में एआई से लैस कैमरों की मदद से सीट बेल्ट के चालान भी शुरू किए गए हैं। 15 दिन के भीतर ही साढ़े तीन हजार वाहन चालकों के चालान हुए हैं। अब इन कैमरों से कार के भीतर मोबाइल पर बात कर रहे चालक का चालान भी होगा।
नो पार्किंग में वाहन खड़े करने वाले वाहन चालकों के चालान भी होंगे। लेकिन इसमें मैनुअली संचालित हो रहे 12 चौराहे सबसे बड़ी बाधा बने हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सेंटर की दूसरी परेशानी यह भी है कि यातायात पुलिस कई बार ऑटोमैटिक सिग्नल बंद करके चौराहों को ब्लिंक मोड (लाइट के आधार पर मैनुअली) पर करके ट्रैफिक संचालन करती है। इससे भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कार्रवाई से बच जाते हैं। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कहना है कि यातायात पुलिस अधीक्षक से इन चौराहों को कंट्रोल सेंटर से जोड़ने के लिए पत्र भेजा गया है।