उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी का आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गया है। जिले के करीब 937 विद्यालयों में यह व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। बोर्ड के निर्देशों के बावजूद दैनिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है। शासन ने ऑनलाइन हाजिरी का आदेश प्रशासनिक पारदर्शिता, अनुशासन और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए दिया है।
जिले में 40 राजकीय, 109 सहायता प्राप्त और लगभग 788 वित्तविहीन स्कूल हैं। इन सभी को यूपी बोर्ड माध्यमिक शिक्षा परिषद का एप डाउनलोड कर ऑनलाइन हाजिरी लगानी थी। एमडी जैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संजय कुमार ने बताया कि एक साथ सभी छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने पर सर्वर डाउन हो जाता है।
क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य जे साइलस ने बताया कि सेक्शन के अनुसार हाजिरी लगाने में एक साथ डाटा खुलता है। ज्यादा लोड पड़ने पर सर्वर डाउन हो जाता है। क्लास सेक्शन के हिसाब से चयन कर उपस्थिति दर्ज करने में दिक्कत आ रही है।
पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मानवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया के कारण केवल पंजीकृत छात्रों का ही डाटा दिखता है। उन्होंने बताया कि 1600 छात्रों की उपस्थिति एक साथ दर्ज करने पर सर्वर डाउन हो जाता है। प्रभारी डीआईओएस द्वितीय वीपी सिंह ने बताया कि अभी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में ऑनलाइन बैठक भी की जा चुकी है और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा और बोर्ड के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने 20 अप्रैल को सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। पत्र के अनुसार, शैक्षिक सत्र 2026-27 में इस व्यवस्था का क्रियान्वयन संतोषजनक नहीं पाया गया था। निर्देशों में विद्यालयों को प्रतिदिन पहले पीरियड में ही छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने को कहा गया है।