कैसे करें खाते के विवरण की सुरक्षा
बैंक पासबुक, चेक या कोई भी खाता संबंधित दस्तावेज और ऑनलाइन बैंकिंग की जानकारी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करें।
कोई सरकारी कर्मचारी बताकर आधार, पैन और ओटीपी की जानकारी मांगता है तो नहीं देनी चाहिए।
कभी भी क्रेडिट, डेबिट कार्ड या सीवीवी फोन का विवरण किसी के साथ साझा न करें।
गूगल पर मौजूद फर्जी ग्राहक सेवा के नंबरों से सावधान रहें। गूगल सर्च पर भरोसा नहीं करना चाहिए। आधिकारिक वेबसाइट से ही संपर्क करें।
बैंक खाता कभी किराये पर न दें। कमीशन के लिए साझा न करें। यह गैरकानूनी है।
फर्जी पुलिस और डिजिट अरेस्ट से डरे नहीं। आरोपी ड्रग पैकेज व आतंकी गतिविधियों में होने का डर दिखाते हैं।
साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करना चाहिए या
www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
डीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी लालच में फंसाते हैं। पुलिस व सीबीआई अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं। परिचित बनकर पैसा ट्रांसफर करा लेते हैं। कमीशन का लालच देकर खाते खुलवा लेते हैं। इनका इस्तेमाल ठगी में करते हैं। बैंक इस संबंध में ही जागरूक कर रही हैं।