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कासगंजः बोरिंग का गड्ढा खोदते समय हादसा, मिट्टी की ढाय में दबकर एक मजदूर की मौत, एक गंभीर

Tue, 15 Sep 2020 12:12 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज

सार

  • बोरिंग का गड्ढा खोदते समय हुआ लहरा रोड पर हादसा
  • मृतक के परिवार में मचा कोहराम
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मिट्टी की ढाय गिरने के बाद राहत और बचाव कार्य में जुटे स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीर्थनगरी के लहरा रोड पर मंगलवार को बोरिंग के लिए गड्ढा खोद रहे मजदूर मिट्टी की ढाय गिरने से उसमें दब गए। काफी प्रयासों के बाद दोनों मजूदरों को मिट्टी हटाकर बाहर निकाला गया। एक मजदूर की मौत हो गई जबकि दूसरे मजदूर का सोरों के अस्पताल में इलाज चल रहा है। मजदूर की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
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लहरा रोड पर यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। जब मोहल्ला मढ़ई निवासी दीनानाथ के शकरकंदी के खेत में पानी की निकासी के लिए इंजन के लिए बोरिंग करने को मजदूर गड्ढा खोद रहे थे। मजदूर हरि सिंह (42) पुत्र किशोरी निवासी मोहल्ला योगमार्ग एवं जयपाल पुत्र व़िद्याराम निवासी पाठकपुर खोदाई का काम कर रहे थे। 10 फीट तक खोदाई हो चुकी थी।

गड्ढे में पानी भी निकल आया था। दोनों मजदूर गड्ढे में नीचे थे तभी मिट्टी की ढाय गिर गई। ढाय गिरने पर मजदूरों की चीख सुनाई दी। वहां मौजूद अन्य लोग भी चिल्लाने लगे। आस पास खेतों में काम कर रहे लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। आनन फानन में मिट्टी हटाने का काम शुरू किया गया। करीब एक घंटे के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला जा सका, लेकिन दम घुटने से हरी सिंह की मौत हो गई। जबकि दूसरा मजदूर जयपाल भी अचेत अवस्था में था।
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दोनों को चिकित्सालय ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने हरि सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि जयपाल का उपचार अस्पताल में किया जा रहा है। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतक मजदूर का पोस्टमार्टम कराया गया। घटना की सूचना पर परिवार के लोग भी पहुंच गए। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।

मृतक के बच्चे भी करते हैं मजदूरी
हादसे में अपनी जान गवाने वाले मजूदर हरि सिंह के परिवार सभी लोग मजदूरी करते हैं। वे खुद मजदूरी पर जाते थे वहीं उनके दो पुत्र भी मजदूरी पर जाते हैं। मृतक के कुल पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। दो पुत्र और एक पुत्री की शादी हो चुकी है। परिवार की आर्थिक दशा बेहद खराब है।

जेसीबी की मदद से बच सकती थी जान
घटनास्थल कुछ दूरी पर एक जेसीबी मशीन रेत निकाल रही थी। यह हादसा होने पर लोगों ने जेसीबी मशीन के चालक को बुलाकर घटना की जानकारी दी और उससे ढाय से मजदूरों को निकालने की गुहार की, लेकिन जेसीबी चालक का दिल नहीं पसीजा। वह रेत निकालने का काम करता रहा। लोगों का कहना था यदि जेसीबी चालक आ जाता तो हरि सिंह को जल्दी निकाल लिया जाता और उसकी जान बच सकती थी।
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