मथुरा के बल्देव थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के पाैने चार बजे घने कोहरे में हुए हादसे में मरने वालों की संख्या 14 हो गई है। एक और घायल हमीरपुर निवासी उस्मान (55) ने मंगलवार रात दम तोड़ दिया। उन्हें एसएन मेडिकल काॅलेज इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। सिर में गंभीर चोट थी। वहीं, 17 लोगों का इलाज चल रहा है। उन्हें डाक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।
कस्बा विमार, हमीरपुर निवासी उस्मान भवन निर्माण की ठेकेदारी करते थे। वह दिल्ली में पत्नी नसीमा के साथ रह रहे थे। उनके दो बेटे और दो बेटी हैं। बड़ा बेटा आशिक नोएडा में रहता है। सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी कर रहा है। छोटा बेटा अरमान कानपुर से बीटेक कर रहा है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है।
हादसे की जानकारी पर उनके बेटे आशिक और अरमान आगरा आए। उन्होंने बताया कि छोटी बहन के लिए पिता ने रिश्ता देखा था। पिछले महीने वह रिश्ता तय करने के लिए दिल्ली से हमीरपुर आए थे। रिश्ता और गोद भराई की रस्म पूरी हो गई थी। फरवरी 2026 में शादी होने वाली थी। इसकी तैयारी में परिवार लगा हुआ था।
पिता दिल्ली जाने के लिए निकले थे। मां नसीमा भी साथ में थीं। मंगलवार तड़के चार बजे भीषण हादसे में दोनों घायल हो गए। दोनों को एसएन मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया था। बुधवार दोपहर एक बजे पोस्टमार्टम के बाद शव को हमीरपुर लेकर रवाना हो गए। उधर, पति की माैत की जानकारी से नसीमा की हालत बिगड़ गई। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया। हालांकि बाद में परिजन उन्हें भी साथ लेकर गए। थानाध्यक्ष एमएम गेट रोहित कुमार ने बताया कि उस्मान के सिर में गंभीर चोट लगी थी। गर्दन की हड्डी टूट गई थी। अत्यधिक खून भी बहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जिंदा जल गए थे 13 यात्री
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में 12 बसों और तीन कारों में टक्कर के बाद आग लग गई थी। इसमें 13 यात्री जिंदा जल गए थे। हादसे में 100 से अधिक लोग घायल हुए। घायलों को मथुरा, वृंदावन और आगरा में भर्ती कराया गया। घटना पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने भी शोक संवेदना व्यक्त की। हादसे की वजह दो कार चालकों में बहस होना बताई जा रही है। जिंदा जले लोगों की बुधवार शाम तक शिनाख्त के प्रयास में पुलिस लगी थी। सभी का डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।