जनपद में वायरल बुखार ने कई लोगों को चपेट में ले रखा है। जिला अस्पताल में भर्ती एक और मरीज की वायरल बुखार से मौत हो गई। मरीजों की भीड़ के कारण अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं। इससे मरीजों को बरामदे में पलंग डालकर इलाज किया जा रहा है।
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रविवार को ओपीडी का अवकाश था तो इमजेंसी में मरीजों की भीड़ रही। यहां सर्वाधिक मरीज बुखार से पीड़ित होकर पहुंचे। इमरजेंसी के डॉक्टर ने 42 मरीजों को उपचार दिया, जिसमें 16 को गंभीर हालत देखते हुए भर्ती कराया गया। यहां पलंग कम पड़े तो इमजेंसी के बरामदे में भी बेड डालने पड़े।
चांदेश्वर रोड निवासी रमेश चंद्र के 18 वर्षीय पुत्र संगम को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे।
शनिवार की रात हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उपचार के दौरान संगम की मौत हो गई। रविवार को जिला अस्पताल से छह मरीजों को गंभीर हालत में मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया।
वायरल फीवर के लक्षण
-गले में दर्द होना
-खांसी आना
-सिरदर्द होना
-थकान महसूस करना
-जोड़ों में दर्द के साथ उल्टी और दस्त होना
-आंखों का लाल होना
वायरल के कारण
-संक्रमित व्यक्ति के खांसने व छींकने से
-दूषित पदार्थ या पेय पदार्थ का सेवन करने से
-संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से
-सर्दी या मौसम परिवर्तन के कारण
बचाव के उपाय
-वायरल फीवर की चपेट में आने पर खूब खाना खाएं
-डीहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं
-नीबू और मौसमी संतरे का सेवन करें
-अधिक से अधिक ड्राई फ्रूट खाएं, जिसमें बादाम व किसमिस शामिल हो
-सब्जी में लहसुन का प्रयोग करें
-चाय में तुलसी के पत्तों का प्रयोग करें
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सागर का कहना है कि बरसात में वायरल फीवर का अटैक होता है। ऐसा मौसम परिवर्तन के कारण होता है। ऐसे में बचाव जरूरी है। वायरल जानलेवा नहीं है। लेकिन यदि उपचार में लापरवाही की जाएगी तो यह संक्रमण बढ़ा सकता है और व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।