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एसआरके कॉलेज बुर्का प्रकरण: प्राचार्य ने बताई वजह, किसलिए लागू किया यह नियम

Mon, 16 Sep 2019 12:18 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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कॉलेज में बुर्का उतारती छात्रा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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एसआरके पीजी कॉलेज में चले बुर्का प्रकरण के बाद महाविद्यालय की अनुशासन समिति ने अपना रुख स्पष्ट किया है। रविवार को कॉलेज परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में प्राचार्य डॉ. प्रभाष्कर राय ने कहा कि महाविद्यालय के बाहर छह सितंबर को मारपीट की घटना हो गई थी।
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एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर धावा भी बोल दिया था। पुन: ऐसी घटना न हो, इसलिए ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। ताकि महाविद्यालय में सिर्फ पंजीकृत छात्र ही प्रवेश ले सकें।

ये भी पढ़ें:नया फरमान: कॉलेज में ड्रेस के रंग का ही बुर्का पहन सकती हैं छात्राएं, भड़के अभिभावक
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प्राचार्य ने कहा कि ड्रेस कोड हर महाविद्यालय में लागू है और महाविद्यालय का अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक भी है। सात सितंबर को उन छात्राओं को वापस किया था जो बुर्का के साथ ड्रेस पहनकर नहीं आई थीं। ड्रेस पहनकर न आने वाले छात्र भी वापस किए गए। 
 
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अनुशासन समिति के सदस्य डॉ. शहरयार अली ने कहा कि अनुशासन समिति ने बुर्का के साथ ड्रेस पहनकर आने के लिए कहा था। कॉलेज की पंजीकृत छात्रा एवं उनके अभिभावकों को कोई आपत्ति भी नहीं है। ड्रेस कोड के रंग का बुर्का क्लास रूम में भी लागू कर दिया है।

जो छात्राएं काले रंग का बुर्का पहनकर आती हैं, उनके लिए चेंजिंग रूम बना दिया है। अगर किसी छात्रा को कक्षा में भी बुर्का पहनकर जाना है तो वह ड्रेस कोड के रंग का बुर्का पहनकर आ सकती है।

अब मुस्लिम छात्राओं ने इस तरह से आना भी शुरू कर दिया है। इस मामले को एक अनुशासन के रूप में देखा जाए। प्रेसवार्ता में अनुशासन समिति के डॉ. यूएस पांडेय, डॉ. रश्मि जैन एवं डॉ. अमर प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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