हार्ट अटैक की तरह ही ब्रेन अटैक होता है। हार्ट अटैक में 80 से 90 फीसदी मरीजों को सीने में दर्द होता है। ब्रेन अटैक होने पर दर्द नहीं होता। यह कभी भी और किसी को भी हो सकता है। देश में ब्रेन अटैक या स्ट्रोक से हर दो मिनट में एक व्यक्ति की मौत हो रही है। हर 20 सेकंड में एक व्यक्ति को अटैक होता है। ये बातें एम्स, दिल्ली के न्यूरो सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. दीपक गुप्ता ने बुधवार को होटल अमर में कही।
डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि इस समय देश भर में बच्चों का जीवन बचाने के लिए ‘सुरक्षित छज्जा, सुरक्षित बच्चा’ अभियान चलाया जा रहा है। ट्रॉमा सेंटर में 60 फीसदी बच्चे गिरने वाले आते हैं। हर माह 15 से 20 बच्चे बालकनी से गिरने वाले पहुंचते हैं। इसमें से चार से पांच की मौत हो जाती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि घर में बच्चा है तो वह बालकनी व छज्जे का रास्ता बंद रखें। जिससे वह ऊंचाई पर चढ़ न पाएं। डॉ. दीपक गुप्ता ने लोगों ने अंगदान करने की भी अपील की।
वरिष्ठ न्यूरोसर्जन व अधिवेशन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. आरसी मिश्रा ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक देश में मृत्यु व विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। अध्ययन के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में प्रति एक लाख जनसंख्या पर स्ट्रोक का अनुमानित प्रसार दर 84 से 262 और ग्रामीण क्षेत्र में 334 से 424 है। युवाओं और बच्चों में स्ट्रोक के मामले आ रहे हैं। उनके यहां नौ वर्ष बच्चा भर्ती है। रक्तस्रावी स्ट्रोक खतरनाक है। इसमें नस ब्लॉक हो जाती है। शरीर का महज दो फीसदी हिस्सा ब्रेन होता है, जबकि इसको 20 फीसदी रक्त की आपूर्ति की जरूरत होती है। इसे साफ रक्त मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि न्यूरो के मरीज जिन अस्पतालों में पहुंचते हैं वहां न्यूरो क्रिटिकल केयर जरूर होना चाहिए।
बोलने व समझने में परेशानी होना, भ्रम का अनुभव करना, बोलने की गति धीमी होना, समझने में कठिनाई महसूस करना, चेहरे, बांह या पैर में सुन्नता, शरीर के एक तरफ के अंग का अचानक सुन्न हो जाना, कमजोरी महसूस करना, अचानक सिर में तेज दर्द, कुछ समय के लिए दृष्टि बाधित होना प्रमुख लक्षण हैं। साथ ही एक ही समय में अपने सिर पर अपने दोनों हाथों को उठाने की कोशिश करें यदि एक हाथ गिरता है तो वह स्ट्रोक हो सकता है। मुस्कराने में यदि एक तरफ का होठ न उठें या झूल जाएं तो यह स्ट्रोक की निशानी हो सकती है।
उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करें, आहार में कोलस्ट्रोल व संतृप्त वसा की मात्रा कम रखें, स्वस्थ वजन बनाए रखें, मधुमेह पर नियंत्रण करें, फलों और हरी सब्जियों का सेवन करें, नियमित रूप से व्यायाम करें, ज्यादा तंबाकू व शराब के सेवन से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अवैध नशीले पदार्थों के सेवन से बचें।
सवाल: अंगदान की प्रक्रिया बहुत कठिन है, एप्निया टेस्ट आदि समस्याएं आती हैं। इसे कैसे आसान बनाया जा सकता है? (मुकेश जैन)