फोटो01सोरोंजी में पंचकोसी परिक्रमा की तैयारियों को लेकर बैठक करते ब्राह्मण कल्याण सभा पदाधिका
सोरोंजी। ब्राह्मण कल्याण सभा की बैठक रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर संपन्न हुई। बैठक में 15 नवंबर को उत्पन्ना एकादशी पर होने वाली पंचकोसी परिक्रमा की तैयारियों की समीक्षा की गई।
सभा के अध्यक्ष शरद पांडेय ने बताया कि परिक्रमा सुबह 7 बजे वराह मंदिर से प्रारंभ होगी। हरि की पौड़ी में गंगा स्नान करने के बाद क्षेत्राधीश भगवान वराह का अभिषेक के बाद परिक्रमा का आरंभ होगा। पंडित सुशील गौड़ ने बताया कि उत्पन्ना एकादशी का आगमन 15 नवंबर रात में 12:49 बजे हो रहा है जो 16 नवंबर को सुबह 2:37 बजे तक रहेगी। उदयातिथि में होने के कारण एकादशी 15 नवंबर को मानी जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। भगवान विष्णु की पूजा विधिपूर्वक करने से सभी पापों का नाश होता है, इस दिन ब्रह्ममुहुर्त में उठकर स्नान करें। भगवान विष्णु को पीले वस्त्र व पीले फूल चढ़ाकर तुलसी के पत्ते अर्पित करें। भगवान विष्णु की आरती उतारकर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। बैठक में हरिओम पचौरी, शिव वेंदेल, जयप्रकाश त्रिवेदी, योगेश उपाध्याय, धनदीप शर्मा, अनुपम मिश्र, चिराग आदि मौजूद रहे।