ताज में टिकट लेने के लिए लाइन में लगे पर्यटक
आगरा। साल के अंतिम दिन ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही। पुरातत्व विभाग, सीआईएसएफ और पुलिस प्रशासन ने 31 दिसंबर को 70 हजार से अधिक पर्यटकों के आने की संभावना को देखते हुए तैयारियां कर रखी थीं, लेकिन वास्तविक संख्या इसके आधे के आसपास ही सिमट कर रह गई।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अनुमान के मुताबिक नए साल के जश्न और वीकेंड के चलते भारी भीड़ उमड़ने की संभावना थी। इसी के तहत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग, खोया-पाया केंद्र, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और पर्यटकों के सुचारु प्रवेश-निकास की व्यवस्था की गई थी। सीआईएसएफ और पुलिस के जवान पूरे दिन मुस्तैद रहे, लेकिन भीड़ कम रही। पर्यटन विभाग से जुड़े गाइडों को भी निराशा हाथ लगी। टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष यूसुफ ने बताया कि साल के अंतिम दिन आमतौर पर गाइडों को अच्छा रोजगार मिलता है, लेकिन इस बार पर्यटकों की संख्या कम रहने से आय प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि इस समय पर्यटकों का रुझान पहाड़ी राज्यों और वाराणसी जैसे धार्मिक पर्यटन स्थलों की ओर ज्यादा है।
एएसआई के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेई ने बताया कि विभाग की ओर से भीड़ के अनुमान के तहत सभी तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया था। 1 जनवरी नए साल की भी विभाग की पूरी तैयारी है। साल के अंतिम दिन 27,187 पर्यटकों ने ताजमहल का दीदार किया। इसमें 24,654 भारतीय, 2,341 विदेशी, 185 शार्क देशों के और 7 विदेशी संगठन शामिल रहे।