ऐसे चोरी करते थे वाहन
आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को यह भी पता चला कि अलग-अलग राज्यों के फर्जी कागजातों से सिम राजू गोली उपलब्ध कराता था। गाड़ी चुराने के बाद गाड़ी की नंबर प्लेट, सिम कार्ड और डोंगल को तोड़कर फेंक देते थे। शहर और टोल पर लगे कैमरों से बचने के लिए गांव के रास्ते से निकलते थे। चोरी की गाड़ियों को आगरा निवासी प्रदीप भदौरिया, राजू गोली उर्फ राकेश शर्मा, बिहार निवासी मदन आरा, मोनी को ढाई से तीन लाख रुपये में बेच देते थे।
आगरा से चोरी किए 10 वाहन
पूछताछ में कप्तान ने बताया कि प्रदीप भदौरिया, विनय, सुरेश, विक्रम, सुनील चक, प्रदीप सिंह, अरिंदम बोस, शैलेंद्र सिकरवार, पुष्पेंद्र, उर्फ कालू, सुजान सिंह उर्फ गुटिया, जितेंद्र गुप्ता, अजय शर्मा, और श्रीधर के साथ मिलकर जगह की रेकी करने के बाद वाहन चुराते थे। आगरा से भी 10 वाहन चुरा चुके हैं। पांच वाहन कमला नगर से ही चोरी की हैं।