दोनों के जले हुए शव अगल-बगल बिछीं चारपाई पर पड़े थे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने पड़ोसियों से जानकारी करने के बाद दिल्ली में रहने वाली बेटी द्रोपदी और फिरोजाबाद में रहने वाले बड़े बेटे महेश चंद को फोन करके सूचित किया। बेटी और बेटा मथुरा पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद दंपती का अंतिम संस्कार कर दिया।
छोटे बेटे की मौत से टूट चुके थे वृद्ध दंपती
रामबाबू के परिवार की दयनीय स्थिति थी। बड़ा बेटा प्राइवेट नौकरी फिरोजाबाद में करता है। बेटी अपने परिवार के साथ दिल्ली में रह रही है। एक सहारा जरुर छोटा बेटा था, पर वह भी सात साल पहले छोड़कर चला गया।