कई बीघा कृषि योग्य भूमि पर मालिकाना हक, पुत्र की सरकारी नौकरी और चार पहिया वाहनों में सवारी करने वाले लोग भी वृद्वावस्था पेंशन की कतार में हैं। ऐसे सभी अपात्र आवेदकों के आवेदन स्थलीय सत्यापन के बाद समाज कल्याण विभाग ने निरस्त कर दिए।
शासन द्वारा संचालित वृद्वावस्था योजना वस्तुत: गरीबी से नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्घ, निराश्रित एवं उम्रदराज व्यक्तिओं के लिए संचालित की जा रही है। लेकिन, कुछ लोग गरीबों व जरूरतमंदों के हक पर डाका डालने की फिराक में हैं।
वृद्वावस्था पेंशन योजना के तहत आवेदकों के स्थलीय सत्यापन के दौरान यह बात प्रकाश में आई। फिरोजाबाद मोहल्ला महावीर नगर निवासी एक वरिष्ठ नागरिक के पास चार पहिया वाहन होने की पुष्टि हुई। वहीं दूसरी ओर जसराना में रामकुमार नामक एक कृषक के पास 17 बीघा कृषि भूमि है।
जसराना निवासी एक व्यक्ति के दो पुत्र केद्रीय पुलिस बल में हैं। फिर भी वृद्वावस्था पेंशन के लिए आवेदन कर दिया। सत्यापन के दौरान अपात्रता की श्रेणी वाले लगभग 72 आवेदनों को समाज कल्याण विभाग ने निरस्त कर दिया।
निरस्त आवेदनों का ब्लाकवार विवरण
फिरोजाबाद में 21, टूण्डला नौ, जसराना में तीन, शिकोहाबाद में तीस एवं विकास खंड एका में आठ आवेदन आवेदन अपात्रता के चलते निरस्त कर दिए।
857 मृतकों के नाम लाभार्थी सूची से पृथक
गत मई जून में हुए सत्यापन के दौरान लाभार्थियों की सूची में शामिल 857 मृतकों के नाम भी शामिल पाए गए। ऐसे सभी आवेदनों को भी निरस्त कर दिया गया।
प्रज्ञाशंकर, समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि वृद्वावस्था योजना के लाभार्थियों व आवेदकों का स्थलीय सत्यापन में 72 आवेदकों की आर्थिक स्थिति काफी अच्छी पाई गई। 72 आवेदन निरस्त किए हैं।