एटा। केंद्र की भाजपा सरकार पिछली बार चले स्वच्छ भारत मिशन के बाद अब जल शक्ति को जन आंदोलन बनाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र सरकार के प्रमुख सचिव ने देश के प्रमुख जिलों को अभियान में शामिल करते हुए जल संरक्षण की दिशा में काम करने के लिए कहा है।
दरअसल, पिछली बार केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया था। इसके जरिए देश के गांवों को खुले में शौच मुक्त किया गया। इस बार प्रधानमंत्री और सरकार का फोकस जल संरक्षण पर है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने सभी सरपंचों को पत्र भेजकर जल संरक्षण के लिए काम करने का संदेश देकर अभियान के संकेत दे दिए थे। अब अफसरों को जल संरक्षण की कवायद में लगाया गया है। गुरुवार को केंद्र सरकार के प्रमुख सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में सरकार के नए जल शक्ति अभियान के बारे में अफसरों को जानकारी दी है। जल संरक्षण की इस योजना देश के तमाम जिलों के साथ एटा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए विभाग वार प्रस्ताव मांगे गए हैं। निर्देश मिलने के बाद अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है।
तीनों तहसीलों में पानी की समस्या
जल संकट पर गौर किया जाए तो जिले की तीनों तहसीलों में जल संरक्षण की जरूरत है। जलेसर में खारे पानी की समस्या है, तो एटा तहसील में अतिदोहषित की स्थिति है। वहीं अलीगंज तहसील में गंदे पानी की समस्या है। अभियान के तहत सभी तहसीलों में वर्षा जल संग्रहण, वाटर बाडी रिचार्ज, कम पानी की फसलें उगाने पर फोकस किया जाएगा।
एक जुलाई को आएगी टीम
जल शक्ति अभियान के तहत जिले में एक जुलाई को केंद्र सरकार के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम दौरा करेगी। टीम जिले में सात जुलाई तक प्रवास कर हर तहसील में जल संरक्षण की कवायद के लिए किए जाने वाले कार्यों का सर्वे करेगी। टीम में जल संरक्षण के विशेषज्ञ के साथ कृषि विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे।
दो चरणों में चलेगा अभियान
बताया जाता है कि संचय जल, बेहतर कल थीम के साथ जल शक्ति अभियान दो चरणों में लागू होगा। पहला चरण एक जुलाई से 15 सितंबर तक चलेगा जबकि दूसरा चरण एक अक्तूबर से 30 नवंबर तक होगा। अभियान में देश के 1593 जिलों में जल संरक्षण का काम होगा। इसके तहत मनरेगा जैसी योजनाओं की राशि का इस्तेमाल कर परंपरागत तालाबों और जलाशयों का संरक्षण, भूजल रिचार्ज, वाटरशेड डेवलपमेंट और वृक्षारोपण पर जोर दिया जाएगा।
जल शक्ति अभियान में एटा जिले को शामिल किया गया है। इसके तहत जिलेभर में जल संरक्षण के लिए काम किया जाएगा। एक जुलाई से केंद्र सरकार की टीम जिले में सर्वे कार्य करेगी। जल संरक्षण भविष्य के लिए बेहद आवश्यक हो गया है।
मदन वर्मा, सीडीओ, एटा