मैनपुरी। जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जाना है। शासन ने इसके लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को नामित किया है लेकिन यहां तो आरईडी ही शौचालय बनाने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में सामुदायिक शौचालय बनना मुश्किल नजर आ रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत हर घर में शौचालय का निर्माण कराया गया है लेकिन इसके बाद भी लगातार लोग शौचालय के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसी कारण गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने में समस्या आ रही है। इस समस्या के निदान के लिए शासन ने सामुदायिक शौचालय बनवाने के आदेश दिए हैं जिले की कुल 552 ग्राम पंचायतों में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण जहां 14वें वित्त से ग्राम पंचायत कराएंगी तो वहीं दूसरे शौचालय का निर्माण पर्फोर्मेंस ग्रांट से किया जाना है। शासन ने पर्फोमेंस ग्रांट से बनने वाले सामुदायिक शौचालयों के लिए आरईडी को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
ऐसे में पंचायत राज विभाग लगातार आरईडी के अधिकारियों से संपर्क कर रहा है। जल्द से जल्द शौचालयों का निर्माण कराने के लिए आरईडी को धनराशि दी जानी है लेकिन लगातार कई दिनों के प्रयास के बाद भी आरईडी धनराशि लेने को तैयार नहीं है। अब तक विभाग ने अपना खाता तक उपलब्ध नहीं कराया है। सूत्रों के अनुसार आरईडी सामुदायिक शौचालयों का निर्माण नहीं करना चाहता है। इसी कारण इसमें टालमटोल की जा रही है। मामला अब उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है। अब वे ही कोई हल निकाल सकेंगे।
दो लाख रुपये से होगा निर्माण
ग्राम पंचायत में बनने वाले वाले सामुदायिक शौचालय की लागत शासन से दो लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें दो-दो महिला व पुरुष शौचालय के साथ ही दो स्नानघर भी बनेंगे। वर्तमान में पंचायत राज विभाग के पास पर्फोंर्मेंस ग्रांट में 243 शौचालयों का निर्माण कराने के लिए धनराशि उपलब्ध है।
हाईलाइर्ट्स
-552 ग्राम पंचायतों में बनने हैं सामुदायिक शौचालय
-243 सामुदायिक शौचालय के लिए उपलब्ध है बजट
-02 लाख रुपये से होना है एक का निर्माण
-30 अप्रैल तक पूरा होना है निर्माण
आरईडी के अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है। लेखाकार द्वारा लगातार धनराशि स्थानांतरण के लिए संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही सामुदायिक शौचालय निर्माण में आ रही समस्याओं को दूर कर लिया जाएगा।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।