मैनपुरी। शौचालय निर्माण पर केंद्र और प्रदेश सरकार का पूरा जोर है, लेकिन ग्राम पंचायतों में शासन की इस मंशा को पूरा नहीं किया जा रहा है। हाल ही में आई नोडल अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में 18 ग्राम पंचायतों में बनाए गए शौचालयों में अनियमितता मिली हैं। सभी को मुख्य विकास अधिकारी ने नोटिस जारी कर सात दिन का समय दिया है। सुधार न होने पर शौचालय की धनराशि की रिकवरी की जाएगी।
जिले की 552 ग्राम पंचायतों में अब तक दो लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। इसमें बेसलाइन सूची के शौचालयों का निर्माण ग्राम निधि खाते से प्रधानों ने कराया था तो वहीं अन्य शौचालयों का निर्माण लाभार्थियों ने खुद कराया है। ग्राम पंचायतों में शौचालय बने या नहीं, इसके सत्यापन के लिए नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में नोडल अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें जिले की 18 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में अनियमितताएं मिलीं। कहीं शौचालय मानक के अनुरूप नहीं बने थे तो कहीं कई शौचालयों का निर्माण ही नहीं किया गया था। कुछ जगह शौचालय अधूरे मिले।
रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान और सचिवों को नोटिस जारी किया है। उन्हें सात दिन में शौचालय निर्माण मानक के अनुरूप और पूर्ण करवाकर उसकी फोटो कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी। ऐसा न करने पर उनसे धनराशि की रिकवरी की जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद ग्राम पंचायतों में खलबली मच गई है।
इन ग्राम पंचायतों को भेजा नोटिस
-विकास खंड करहल की बूरामई, अमामई, डुडवा और शंकरपुर।
-विकास खंड किशनी की सकरा, जखा और लैगांव।
-विकास खंड घिरोर की हड़ाई, अचलपुर, मधन, नगला सावज, नसीरपुर, पड़रिया, चीतई, तिसाह और देवपुरा।
-विकास खंड बरनाहल की मीठेपुर और कुम्हेरी।
164 ग्राम पंचायतों को पूर्व में जारी हुए नोटिस
जिले की सभी 552 ग्राम पंचायतों में शौचालयों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक नोडल अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर 164 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश ने शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है तो कुछ की दोबारा जांच में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण पूर्ण कराने पर जोर हैं जो भी ग्राम पंचायतें इसमें लापरवाही करेंगी उन पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सुधार के लिए समय दिया गया है, इसमें सुधार भी किया जा सकता है।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।