मैनपुरी। ओडीएफ की ‘परीक्षा’ में अब तक जिले की कोई भी ग्राम पंचायत पास नहीं हो सकी है। मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर हो रहे बेसलाइन सर्वे में शौचालयों के सत्यापन में पंचायतों की पोल खुल गई। कोई भी ऐसी ग्राम पंचायत नहीं है, जिसमें सारे शौचालय पूर्ण और मानक के अनुरूप हों। जांच रिपोर्ट आने के बाद पंचायत राज विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बेसलाइन सर्वे की सूची के अनुसार जिले भर में 1.65 लाख शौचालय बनवाए जा चुके हैं। सभी ग्राम प्रधान और सचिव शौचालय निर्माण पूर्ण होने की लिखित सूचना दे चुके हैं। अब मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा के आदेश पर नोडल अधिकारी ग्राम पंचायतों में बेसलाइन सूची के शौचालयों का सत्यापन कर रहे हैं। अब तक कुल 207 ग्राम पंचायतों में शौचालयों के सत्यापन के बाद नोडल अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। चौंकाने वाली बात ये है कि नोडल अधिकारियों की जांच में एक भी ग्राम पंचायत में शौचालय पूर्ण नहीं मिला। सैकड़ों की संख्या में जहां शौचालय बनाए नहीं गए हैं तो वहीं अधिकांश शौचालय मानकविहीन है। रिपोर्ट आने के बाद लगातार प्रधान और सचिवों को शौचालय निर्माण के लिए नोटिस भी जारी किया जा रहा है। रिपोर्ट में इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद पंचायत राज विभाग की नींद भी उड़ गई है। वहीं अभी 345 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट आना बाकी है।
162 ग्राम पंचायतों को भेज गए नोटिस
नोडल अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन बार में अब तक 162 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसमें पहली बार में 50 ग्राम पंचायतों को दूसरी बार में 78 ग्राम पंचायतों को और तीसरी बार में 34 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया जा चुका है।
हाईलाइटर्स
-09 हैं जिले में कुल ब्लॉक
-80 हैं न्याय पंचायतें
-552 हैं ग्राम पंचायतें
-207 ग्राम पंचायतों की आई रिपोर्ट
-1.65 लाख बने हैं शौचालय
नोडल अधिकारियों से इसीलिए शौचालयों का सत्यापन कराया जा रहा है ताकि कमियां सामने आ सकें। जांच में जो भी कमियां सामने आ रही हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर कराया जाएगा। इसके लिए नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।
केस एक
-विकास खंड बरनाहल की ग्राम पंचायत कसौली में नोडल अधिकारी ने शौचालयों का सत्यापन किया। ग्राम पंचायतों को कुल 204 शौचालयों की धनराशि भेजी गई थी, लेकिन इसमें से केवल 40 शौचालय ही बने मिले। बाकी के 164 शौचालय बनाए ही नहीं गए हैं।
केस दो
-विकास खंड करहल के गांव नगला जात में बड़ी संख्या में शौचालय नहीं मिले। नोडल अधिकारी के सत्यापन में कुल 821 शौचालयों के सापेक्ष 159 शौचालय अधूरे मिले तो वहीं 620 शौचालय मिले ही नहीं। इतनी बड़ी संख्या में शौचालय न मिलने से विभाग परेशान है।
केस तीन
विकास खंड बरनाहल की ग्राम पंचायत भिड़ौरा में भी शौचालय का हाल अच्छा नहीं है। सत्यापन में यहां भी कुल 405 शौचालयों में से केवल 99 ही पूर्ण मिले। बाकी के शौचालय या तो आधे अधूरे मिले या मानक विहीन बनाए गए हैं।