अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ताजमहल यात्रा कैंसिल होने की वजह बेशक अलग हो, लेकिन आगरा के पर्यटन को इससे जोर का झटका लगना तय है। ताज में दुनिया भर से आने वाले सैलानियों में सबसे संख्या अमेरिकी सैलानियों की है। पत्नी मिशेल के साथ ओबामा के आगरा आने पर दुनिया भर में ताजमहल को जो प्रचार मिलता, उससे विदेशी सैलानियों में इसके प्रति आकर्षण बढ़ने की उम्मीद टूर आपरेटरों को थी।
साल 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के ताजमहल दौरे के बाद आगरा आने वाले सैलानियों में दो गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। तब क्लिंटन की ताज यात्रा को दुनिया भर में प्रचार मिला और अमेरिकी पर्यटकों ने इसे सेफ डेस्टीनेशन मानते हुए चुना भी। इसी तरह साल 2007 में न्यू सेवन वंडर्स में अव्वल रहे ताजमहल को दुनिया भर में जो प्रचार मिला, उसके बाद 2008 में सैलानियों की 40% बढ़ोतरी दर्ज की गई। पर्यटन उद्योग इन दो मौकों की तरह ही ओबामा की ताज यात्रा को गोल्डन पीरियड मान रहा था। बता दें कि भारत में हर साल सबसे ज्यादा सैलानी अमेरिका से आते हैं। इसके बाद यूनाइटेड किंगडम से 11.6 फीसदी सैलानी पहुंचते हैं।
‘ओबामा के आने से ताजमहल को विश्व भर में प्रचार मिलता। विदेशी पर्यटक कई गुना बढ़ते। खासकर अमेरिकी सैलानी।’
राजीव सक्सेना, महासचिव, टूरिज्म गिल्ड
यहां के सबसे ज्यादा सैलानी
देश पर्यटक
अमेरिका 10,85,309
यूनाइटेड किंगडम 8,09,444
रशियन फेडरेशन 2,59,120
कनाडा 2,55,222
जर्मनी 2,52,345
फ्रांस 2,48,378