पुलिस ने मारुति एस्टेट के अंग्रेजी शराब के ठेके पर तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले में डकैती का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं थाना शाहगंज के कृष्णा नगर और थाना एत्माद्दौला के नवलगंज में ठेकों पर हुए बवाल के मामले में तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
थाना जगदीशपुरा के मारुति एस्टेट के मामले में राधिका विहार, पश्चिमपुरी निवासी राजकुमार चाहर ने सुनील, रवि, सनी, प्रवेंद्र, आकाश, बिट्टू, रवि, विनोद, गोमती को नामजद किया है। सौ महिला-पुरुष अज्ञात में हैं। उन्होंने बताया दुकान में ढाई लाख रुपये और 20 लाख की शराब रखी थी। इसे लूट लिया। थाना प्रभारी का कहना है शराब की खरीद और बिक्री से संबंधित दस्तावेज चेक किए जाएंगे। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
शाहगंज के कृष्णा नगर में अंग्रेजी शराब और देशी शराब के ठेके पर लोगों ने बवाल काटा था। मामले में माधो का पुरा, खेरागढ़ निवासी सोनू ने 14 नामजद और 60-70 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। लोगों ने अंग्रेजी शराब के ठेके से 1734 रुपये और देशी शराब के ठेेके से 41000 लूट लिए थे। नवलगंज स्थित गढ़ी जीवन राम स्थित अंग्रेजी और देशी शराब के ठेके पर तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में बबलू, काजल, भावना, पप्पू, भोला, अतुल सहित 60 अज्ञात महिला-पुरुष के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वहीं एक मुकदमा अंग्रेजी शराब के ठेके पर तोड़फोड़ के मामले में चार नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया है।
शराब के 83 नए और लाइसेंस
आगरा। शराब के ठेकों को बंद करने के लिए हो रहे प्रदर्शनों के बीच सोमवार को जिले में 83 नए और लाइसेंस जारी कर दिए गए। इसमें देसी शराब के 59, अंग्रेजी शराब के 14, नौ बीयर की दुकान के और एक मॉडल शॉप का लाइसेंस जारी हुआ। यह लाइसेंस लॉटरी के माध्यम से कलेक्ट्रेट में निकाले गए। सबसे ज्यादा कबीस चौराहा पर शराब के ठेके के लिए आवेदन आए थे। अभी देसी के 24 और अंग्रेजी शराब का एक लाइसेंस शेष रह गया है। इसके लिए जल्द ही आवेदन लिए जाएंगे।
नई दुकानों को भटक
रहे पुराने लाइसेंसी
आगरा। शराब की दुकानों पर तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं ने शराब विक्रेताओं की नींद उड़ा दी है। सबसे ज्यादा परेशान हाईवे किनारे से हटे 179 में से 116 वे लाइसेंसी हैं, जिन्होंने दुकान को हाईवे से 500 मीटर दूर शिफ्ट करने के लिए आवेदन किया था। लगभग छह दर्जन ठेकेदारों ने नई दुकानें तलाश भी ली हैं लेकिन लोगों के आक्रोश को देखते हुए इनमें से कई दुकान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।
जिले में हाईवे किनारे 179 दुकानें थीं। एक अप्रैल से सभी बंद हो गई हैं। मगर, नई जगह भी यह व्यापार नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में शराब कारोबारी एडीएम सिटी धर्मेंद्र कुमार से भी मिले। उन्होंने उनकी समस्या सुन सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इनमें वे दुकानदार भी थे, जिनके यहां तोड़फोड़ और लूटपाट हुई है। शराब विक्रेताओं का कहना था कि ऐसी स्थिति में उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है।
जो लोग शराबबंदी चाहते हैं, वे शांतिपूर्वक अपना विरोध व्यक्त करें। इसकी आड़ में उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी तोड़फोड़ या लूटपाट करेगा, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिर चाहे वह महिलाएं ही क्यों न हों।
धर्मेंद्र कुमार, एडीएम सिटी