वेब रजिस्ट्रेशन से डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी घट गए हैं। इस बार करीब साढ़े पांच लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। पिछले साल सात लाख से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी।
विश्वविद्यालय से लगभग 950 कालेज संबद्ध हैं। 2016-17 सत्र में 7.10 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया के वक्त हर विद्यार्थी का विश्वविद्यालय में वेब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया था।
इससे अगस्त में ही प्रवेश प्रक्रिया संपन्न हो गई। इसके बाद जिन छात्रों की फीस प्राप्त हुई, उनके ही परीक्षा फार्म भरवाए गए। ऐसे में परीक्षा फार्म भरवाने की अंतिम तिथि 19 फरवरी तक 5.30 लाख विद्यार्थियों के फार्म भरे जा चुके हैं।
रात 12 बजे तक फार्म भरने का मौका रहेगा, ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन 20-30 हजार और छात्र मानकर चल रहा है। इस तरह से पिछले साल के मुकाबले 1.50 लाख विद्यार्थी कम रह गए।
कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित का कहना है कि प्राइवेट कालेज संचालक ऐनवक्त पर फर्जी छात्रों के फार्म भरवा देते थे। इस बार कालेज परीक्षा फार्म भरने के लिए तय समय दिया और जिन्होंने फीस भरी उन्हीं को मौका दिया गया। अंतिम तिथि तक छह लाख विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म भरे जाने की उम्मीद है।
संस्थागत ही नहीं प्राइवेट छात्रों की संख्या में भी कमी आई है। इस बार 14,900 छात्रों ने प्राइवेट फार्म भरे हैं। पिछले साल 21 हजार ने प्राइवेट फार्म भरे थे।
तकनीकी खामी तो मिलेगा मौका
कुलपति ने स्पष्ट कर दिया कि अगर किसी कालेज के छात्रों की फीस भरने के बाद भी परीक्षा फार्म तकनीकी खामी के चलते नहीं भरे जा सके हैं, ऐसे छात्रों को फार्म भरने का मौका दिया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि नियमों के अनुसार कार्य करने वाले कालेजों के किसी भी छात्र का अहित नहीं होने दिया जाएगा। विवि की मुख्य परीक्षाएं सात मार्च से शुरू हो रही हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय ने एडेड कालेजों के छात्रों के प्रवेश पत्र तैयार कर दिए हैं।
जिन प्राइवेट कालेजों की फीस प्राप्त हो गई है, उनके प्रवेश पत्र संबंधित कालेजों की लॉगिन आईडी पर अपडेट कर दिए गए हैं। कुलपति का कहना है कि ये पहला मौका है जब परीक्षा शुरू होने से 15 दिन पहले छात्रों के हाथों में प्रवेश पत्र होंगे।