गर्मी, उमस और बारिश के कारण शहर में मौसमी बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को एसएन मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। कुल 3293 मरीजों का उपचार किया गया। पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक, हर जगह लंबी कतारें नजर आईं। मरीज और तीमारदार भी गर्मी में अव्यवस्थाओं से परेशान नजर आए।
मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक मरीजों का उपचार किया गया। इनमें अधिकतर मरीज बीपी, डायबिटीज के रहे वहीं बुखार, खांसी, पेट की समस्या आदि मरीजों की संख्या रही। इसके अलावा अन्य विभागों में भी कई रोगों से ग्रस्त मरीज पहुंचे, जिनका इलाज किया गया। बारिश के चलते उमस और दोपहर में निकली तेज धूप ने मरीज और तीमारदारों की परेशानी और बढ़ा दी। पर्चे बनवाने के दाैरान ऊंचाई पर लगे पंखों के सहारे मरीज और तीमारदार लाइन में लगे रहे। दो कूलर लगे रहे जहां एक स्टाफ के सिराने लगा था और एक खुले में था। मरीजों ने लंबी लाइनें, अव्यवस्था और दवाओं की कमी को लेकर नाराजगी भी जताई।
मरीजों को ये दिक्कत
विवेक ने बताया कि डायबिटीज और बीपी की समस्या है। यहां सुबह 11 बजे करीब आए और 1 बजे नंबर आ पाया। लाइन की समस्या काफी है। इलाज में कोई दिक्कत नहीं है। नरेंद्र ने बताया कि पैर का ऑपरेशन हुआ है। जो दवाइयां लिखी जाती हैं वह आधी बाहर से मिलती हैं और कुछ अंदर से। इस व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। ओम शरण ने बताया कि हाथ में दर्द का इलाज कराने आए हैं। पर्चा बनवाने में काफी समय लगता है। पंखे बहुत ऊंचे होने के कारण कोई राहत नहीं मिलती है। वहीं, कूलर भी केवल दो हैं, तो इतने बड़े हाॅल में नाकाफी साबित होते हैं। छत्रपाल ने बताया कि बीपी और चक्कर की समस्या है। पर्चा बनने में ही आधा समय निकल जाता है उसके बाद गर्मी में ओपीडी में लंबा इंतजार करना पड़ता है।
किस ओपीडी में रहे कितने मरीज
मेडिसिन ओपीडी - कुल 630
ऑर्थोपेडिक ओपीडी- कुल 375
त्वचा संबंधी ओपीडी- 293
टीबी एवं चेस्ट ओपीडी- 233
कई अन्य ओपीडी में भी मरीजों का उपचार किया गया
मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि खांसी बुखार के मरीजों के साथ बीपी और डायबिटीज रोगियों की संख्या काफी रही। उन्होंने मरीजों को दवाई को निरंतर खाने की सलाह दी। ऐसे में परेशानी बढ़ेगी नहीं।